रेवाड़ी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के तहत जल परियोजना से संबंधित 16.53 करोड़ रुपये की योजनाओं को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत ग्रामीण संवर्धन, शहरी सीवरेज और बरसाती जल निकासी से जुड़े प्रोजेक्ट को शामिल किया गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर शहर के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
दूसरी तरफ पेयजल सप्लाई का उचित प्रबंधन नहीं होने की वजह से व्यर्थ में बहने वाले पानी को रोकने के लिए भी जनस्वास्थ्य विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इसमें मुख्य रूप से पेयजल सप्लाई से फसलों में सिंचाई में खर्च होने वाले पानी की निर्भरता को कम करने पर काम किया जा रहा है, ताकि लोगों को पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी मिल सके। विभाग सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के उपचारित पानी से किसानों को सिंचाई करने के लिए प्रेरित कर रहा है। जब एसटीपी का पानी सिंचाई में इस्तेमाल होगा तो नहरी पानी का इस्तेमाल पेयजल और अन्य काम में किया जा सकेगा। इससे जहां एसटीपी से निकलने वाले पानी को व्यर्थ बहने से रोका जा सकेगा, वहीं खेतों की मिट्टी उपजाऊ बनी रहेगी।
पेयजल टैंकों की क्षमता बढ़ाने पर हो रहा काम
गांव कालुवास और शहर के नसियाजी स्थित एसटीपी से निकलने वाले पानी को सिंचाई में उपयोग करने के लिए काम चल रहा है। घरों और प्रतिष्ठानों में लगे हुए आरओ से निकलने वाले अनुपयोग पानी को बगीचे और पार्क की सिंचाई कर सदुपयोग करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिले में पेयजल सप्लाई को सुचारु करने के लिए पेयजल टैंकों की क्षमता बढ़ाने पर काम किया जा रहा है, ताकि पानी को स्टोर किया जा सके।
बारिश का पानी स्टोर करने पर भी हो रहा काम
प्रशासन की ओर से बारिश के पानी को स्टोर करने का भी काम किया जा रहा है। इसके लिए रेलवे स्टेशन परिसर में पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। यहां से नाईवाली चौक, महाराणा प्रताप चौक से सचिवालय के पास होकर सेक्टर दस स्थित प्लांट में पानी को एकत्रित किया जाएगा। इससे बारिश के दौरान जलभराव की परेशानी नहीं रहेगी।
1,20,840 घरों में नल लगाने का काम पूरा
जल जीवन मिशन के तहत 1,20,840 घरों में नल लगाने का काम हो चुका है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल, हर नल कनेक्शन अभियान-2024 में पूरा कराया जाना है। इसके लिए जल एवं स्वच्छता सहायता संगठन (डब्ल्यूएसएसओ) के माध्यम से सर्वेक्षण करने के साथ लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अभी यह संगठन रेवाड़ी और खोल खंड में काम कर रहा है। इस साल इसका जिले के खंडस्तर पर विस्तार किया जाएगा। इनके माध्यम से प्रत्येक घर में पेयजल कनेक्शन कराने के साथ पाइपलाइन लीकेज की समस्या का भी समाधान कराया जाएगा। अन अप्रूव्ड कॉलोनियों का भी सर्वेक्षण कर व्यर्थ बहने वाले पानी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
जैसे ही मुख्यालय से पत्र आएगा आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। -विनय चौहान, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग