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अधूरे रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम को पूरा कर पाने में जिम्मेदार फेल

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नागरिक अस्पताल में बने हार्वेस्टिंग सिस्टम की हालत खस्ता। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी, खोल और नाहड़ की 100 से अधिक पंचायतों मे गिरते भूजल स्तर और बारिश का पानी संरक्षण के लिए केंद्र जिले को सात करोड़ रुपये से अधिक की राशि केंद्र से मिल चुकी है। इससे 27 सरकारी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के साथ ही पुराने को चुके सिस्टम को दुरुस्त किया जाना है, लेकिन स्थानीय जिम्मेदार ऐसे हैं कि अधर में पड़े रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम को पूरा कर पाने में विफल रहे हैं।
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केंद्र सरकार ने देशभर में एक जुलाई से 15 सितंबर तक जल शक्ति अभियान चलाया हुआ है। इसका मकसद जल संरक्षण है। इसमें तालाब, पोंड व सरकारी भवनों में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से भूजल स्तर को बढ़ाने के साथ ही संरक्षण करना था। बीते 40 दिनों में दूसरी बार केंद्र की टीम जल संरक्षण के लिए किए जा रहे उपायों का सर्वे कर रही है। कुछ नए काम हुए भी हैं, लेकिन पुराने सिरे नहीं चढ़ पाए हैं।
शहर के बड़े दो तालाब जल संरक्षण के लिए बने सकते थे मिशाल
शहर के हनुमान मंदिर स्थित ऐतिहासिक बड़ा तालाब में जल संरक्षण से लेकर पर्यटन तक के लिए प्रयोग में लाया जा सकता था। वहीं सेक्टर- 1 स्थित सोलाराही तालाब को जीर्णोद्धार किया जाता तो ये दोनों तालाब मिशाल बन सकते थे, लेकिन बीते 10 सालों से यहां पर अनेक टीमों ने सर्वे किया, लेकिन एक ईंट तक नहीं लग पाई। जल शक्ति अभियान के तहत भी इन दोनों तालाबों को राशि मिलने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक इन तालाबों के लिए बजट नहीं मिला। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों के उपयोग में जिम्मेदार कितने संवेदनशील है आसानी से समझा जा सकता है।
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सरकारी अस्पताल के रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम पड़े खराब
शहर के नागरिक अस्पताल में बारिश के पानी के संरक्षण के लिए रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए गए थे। इन प्वाइंट के दो मकसद थे, पहला बारिश के दिनों में अस्पताल को जलमग्न होने से बचाना, दूसरा भूजल स्तर बढ़ाना। लेकिन देखरेख के अभाव में यहां के ये सिस्टम खराब पड़े हुए हैं। 15 सितंबर तक मानसून सीजन ही खत्म हो जाएगा, ऐसे में कैसे इस सीजन में संरक्षण की उम्मीद करना बेमानी है।
सात साल बाद भी पीडब्ल्यूडी ने नहीं कराया पूरा काम
शहर के सेक्टर- 18 में पीडब्ल्यूडी की ओर से राजकीय महिला महाविद्यालय का निर्माण किया था। प्रोजेक्ट में तीन रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाना भा शामिल था। तीनों बनाए गए, लेकिन अधूरे छोड़ दिए गए। वर्ष 2012 में भवन को शिक्षा विभाग को हैंड ओवर भी कर दिया गया, लेकिन तीन रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम का कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया है।
तेजी से किया जा रहा है कार्य : नोडल अधिकारी
जल शक्ति अभियान के नोडल अधिकारी वकील अहमद ने कहा कि केंद्र से अभियान के तहत करीब 7 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इनसे 27 सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार करना व पुराने सिस्टम का जीर्णोद्धार करना शामिल है। इसके लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। जहां पर कार्य अधूरे पड़े हैं, उनका काम पूरा कराया जाएगा।
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