श्शहर में हुई पहली मानसूनी बारिश ने जिला प्रशासन के उन दावों की पोल खोल कर दी रखी जिसमें यह दावा किया जा रहा था कि शहर में कहीं भी जलभराव नहीं होगा। शनिवार को सुबह से ही रूक रूक हो रही बरसात से शहर में कई जगह पानी भर गया। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक तरफ से इस बारिश से लोगों को परेशानी हुई, वहीं बारिश ने लोगों को काफी दिनों से पड़ रही गर्मी से निजात भी दिलाई। इस बारिश के बाद से किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे हैं।
कृषि वैज्ञानिकों की मानें, तो इस बारिश से फसलों को काफी फायदा होगा। उल्लेखनीय है कि अमर उजाला पहले ही जिला प्रशासन को इस बारे में चेता चुका था कि जलनिकासी के प्रबंध पुख्ता नहीं है और मानसून में शहरवासियों को जलभराव की समस्या से दो चार होना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस था वहीं शनिवार को बरसात के बाद अधिकतम तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई।
जिसके कारण अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। बावल क्षेत्र में सबसे अधिक बरसात हुई जिसके कारण जगहों जगहों पर पानी जमा हो गया। शनिवार को दिन के समय 5 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चली और मौसम में नमी भी करीब 45 प्रतिशत तक रही। बारिश से शहर की सर्कुलर रोड़ और अन्य प्रमुख सड़कों और बाजारों में जलभराव हो गया, इससे लोगों को काफी परेशानी हुई।
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- कहां हुई कितनी बरसात
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स्थान बरसात(एमएम)
रेवाड़ी 10
बावल 50
कोसली 20
खोल 6
बाक्स
बस स्टैंड के समीप सडक पर बने गहरे गडढे व उनमें भरा
धारुहेड़ा। बस स्टैंड के निकट स्थित शनि मन्दिर के पास गंदे पानी के जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। बारिश के दिनों के जलभराव आये दिन वाहन फंसे रहते है और आने जाने वाले लोगों को वहां से निकलना दूभर हो रहा है। कई बार तो इस दूषित पानी में सवारी से भरे टैपों व दुपहिया वाहन पलट भी चुके है। यहां का बस स्टैंड राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर स्थित है और इसके साथ ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भी सटा हुआ है जिसमें सैकड़ों बच्चे पढ़ने आते है।
इसके अलावा शहर के नजदीक धारूहेड़ा, बावल, खुशखेड़ा, भिवाड़ी, मानेसर आदि औद्योगिक क्षेत्र भी लगता है। इन उद्योगों में काम करने वाले दैनिक यात्री भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। इसके अलावा इसी रास्ते आस पडोस व अन्य स्थानों पर जाने वाले हजारो राहगीरों का भी आवागमन लगा रहता है। जिनको यहां से निकलने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि दोनों ही विभाग लोकनिर्माण विभाग व नगर पालिका धारूहेड़ा इस स्थिति से भलाीभांति अवगत हैं लेकिन जानबूझकर भी अनजान बने बैठे हैं, शायद ये दोनों विभाग किसी बड़े हादसे का इन्तजार कर रहे है।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन अरूण कुमार सिंगला से फोन पर बात कर समस्या से अवगत कराया तो उन्होंने समय का अभाव बताकर फोन काट दिया। वहीं नगरपालिका प्रधान प्रेमराव के अनुसार यह कार्य लोक निर्माण को करना चाहिए। फिर भी यदि लोक निर्माण विभाग इस कार्य को नहीं करता है तो हम नगरपालिका के बजट से इस कार्य को कराकर जनता की समस्या का समाधान करेंगे।