शहर में लगभग 20 से ज्यादा भवन ऐसे हैं जो गिरने की हालत में हैं। इन भवनों को नगर परिषद ने चिन्हित कर कंडम घोषित कर रखा है। खंडहर भवनों से कभी भी हादसा हो सकता है। हैरत की बात यह है कि कंडम भवन से जिंदगी दांव पर है, लेकिन प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
मौती चौक के पास क्षतिग्रस्त भवन है, जिसका कुछ दिन पहले ही छज्जा गिर गया था। मोहल्ला संघी का बास में भी प्राथमिक स्कूल क्षतिग्रस्त भवन में चल रहा है। बरसात के मौसम में ऐसे भवनों के गिरने का खतरा बना रहता है।
गौरतलब है कि नगर परिषद की ओर से शहर में 20 ऐसे भवनों को चिन्हित किया गया है, जो सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं हैं। यह भवन रहने के लिए बेहतर नहीं माने जा सकते।
इसके अलावा और भी कई अन्य भवन है जो रहने के लिए मानकों पर खरा नहीं उतर रहे। इनमें संघी का बास मोहल्ले में स्थित एक भवन है, जिसमें प्राथमिक स्कूल चल रहा है। यह भवन कंडम घोषित किया जा चुका है। मौती चौक बाजार के पास स्थित भी एक भवन है, जो खंडहर है। बताया जाता है कि कुछ दिन पूर्व इस भवन का एक छज्जा गिर गया था। हालांकि इससे कोई बड़ा हादसा घटित नहीं हुआ।
बास सिताबराय व बारा हजारी बाजार जाने वाले रास्ते पर भी ऐसी कई जर्जर हवेली हैं। ऐसे भवन असमय हादसों को न्यौता दे रहे है लेकिन इस ओर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। हालांकि नगर परिषद ने यह जर्जर भवन चिन्हित भी कर रखे हैं, लेकिन इन्हें गिराने जैसी या फिर अन्य कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
- प्रशासन को हादसाें का इंतजार
अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि इन भवनों को चिन्हित तो कर दिया, लेकिन आगे की कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही। बरसात के दिनों में इनके गिरने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में इन भवनों के पास रहने वाले लोग भी आशंकित हैं कि कहीं यह भवन गिर न जाएं। लगातार होने वाली बरसात के मौसम में इनके प्लास्टर और चूना भी झड़ जाता है। ऐसे में लोगों ने इन भवनों को जल्द गिराने या फिर अन्य कोई हल निकालने की मांग प्रशासन से की है।