खेड़ा बॉर्डर के पास एक पेट्रोल पंप पर बैठक करते पेट्रोल पंप संचालक।
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बावल। आंदोलनकारी किसानों के बंद किए दिल्ली-जयपुर हाईवे को खुलवाने के लिए शनिवार को हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की बैठक बावल में आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों से एक सप्ताह में समाधान कराने का समय दिया गया है। समाधान नहीं होने पर सात अगस्त को दोबारा से बैठक कर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गुरुग्राम से रेवाड़ी तक सभी पेट्रोल पंपों को बंद रखने का निर्णय लिया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रधान अनिल यादव ने की। बैठक में पंप संचालकों ने कहा कि दिल्ली-जयपुर हाईवे के खेड़ा-शाहजहांपुर बॉर्डर पर साढ़े सात माह से बंद है। हाईवे को खुलवाया जाए, अन्यथा लोग अपने स्तर पर कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य हो गए हैं। दिल्ली की ओर जाने के लिए सर्विस लेन तक नहीं खुली है। राजस्थान के ग्रामीण भी रोड बंद होने से परेशान हैं। राजस्थान के ग्रामीणों द्वारा भी नीमराणा में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया है। एक अगस्त को शाहजहांपुर के पास वहां के ग्रामीण बैठक करेंगे। धरना दे रहे किसान संगठनों से बातचीत की जाएगी और रोड को खुलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान संगठन सर्विस लेन पर धरना दे सकते हैं, हाईवे रोकना गलत है। हाईवे के बंद होने से व्यापार ठप हो चुके हैं। लोगों को करोड़ों का घाटा हो रहा है। गांव-शहर के बीच से भारी वाहनों के दौड़ने से सड़कें टूट रही हैं। हाईवे के साथ लगते हरियाणा और राजस्थान के लोग बुरी तरह परेशान है। सैकड़ों लोगों के सामने रोटी-रोजी का संकट खड़ा हो गया है। औद्योगिक इकाइयों में पहुंचने वाली माल की सप्लाई में भी अधिक देरी हो रही है। सैकड़ों पेट्रोल पंप और ढाबे-होटल बंद पड़े हैं, जिससे यहां काम करने वाले लोगों का रोजगार छिन रहा है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में समाधान नहीं होता है तो अगले शनिवार सात अगस्त को रेवाड़ी व गुुरुग्राम के पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक कर हाईवे पर स्थित सभी पेट्रोल पंपों को बंद रखने का निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर निवर्तमान पंचायत समिति चेयरमैन वीरेंद्र छिल्लर, रघुवीर सिंह, अश्वनी, सुमित, शक्ति सिंह, कृष्ण, समीर सहित लगभग अन्य पेट्रोल पंप संचालक, दुकानदार व ढाबा संचालक मौजूद रहे।