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ग्रामीणों ने कहा: बीच का रास्ता निकाले सरकार

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दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर 27 दिन से धरना पर बैठे राजस्थान व पंजाब के किसानों से अब स्थानीय ग्रामीणों व पेट्रोल पंप संचालकों का परेशानी होने लगी है। ग्रामीणों व पेट्रोल पंप संचालकों ने शनिवार को किसान नेताओं से मुलाकात कर हाईवे खोलने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि सरकार को बीच का रास्ता निकालकर समाधान कराने का प्रयास करना चाहिए। इसके साथ ही खेड़ा बार्डर व मसानी बैराज के समीप आंदोलित किसानों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। दूसरी ओर किसानों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों द्वारा हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर व मसानी बैराज के समीप किसानों द्वारा धरना दिया जा रहा है। शनिवार को किसान नेताओं ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन हरियाणा सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए किसानों को खेड़ा बार्डर पर रोक दिया। सरकार की इस तानाशाही से न केवल किसान बल्कि स्थानीय ग्रामीण व अन्य लोग भी परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर किसानों की बात मान लेनी चाहिए।
वाहनों के डायवर्जन से ग्रामीण होने लगे परेशान
किसानों के आंदोलन के कारण पुलिस ने हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर व मसानी बैराज फ्लाईओवर के नीचे कंटेनर आदि लगाने के बाद दोनों ओर से हाईवे को बंद कर दिया है। इसके बाद वाहन चालकों ने ग्रामीणों क्षेत्रों से होकर निकलने वाले रास्तों से आवागमन शुरू कर दिया, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से वाहनों के लिए डायवर्जन भी किया गया है, लेकिन वाहन चालक शार्टकट के चक्कर में गांवों से होकर गुजरते है।
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