फोटो : 19ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों और बचाव के बारे में जागरूक करते टीम। स्रोत : पुलिस
रेवाड़ी। जिला पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने गांव बालावास जमापुर और लाखनौर में डोर-टू-डोर जाकर ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभाव और बचाव के बारे में जागरूक किया। टीम ने इस दौरान दो नशा पीड़ित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें काउंसिलिंग के बाद रेवाड़ी डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती करवाया। अब तक टीम ने 124 नशा पीड़ितों की पहचान की है, जिनमें से 39 का इलाज करवा कर उन्हें मुख्यधारा में जोड़ा गया है।
एएसआई जितेंद्र कुमार ने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक अभिशाप है, जो न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार को बर्बादी की ओर ले जाता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर ध्यान केंद्रित करें तथा नशे से दूर रहें। टीम ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि नशे का कारोबार करने वालों या नशे का सेवन करने वालों की सूचना निसंकोच हेल्पलाइन नंबर 1933 या डायल 112 पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पता गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता अगर मिलकर इस बुराई के खिलाफ खड़े हों तो इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है।