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Rewari News: मसानी बैराज में छोड़े जा रहे दूषित और केमिकल युक्त पानी से ग्रामीण परेशान

Sun, 17 May 2026 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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मांगों को लेकर जानकारी देते ग्रामीण। स्रोत : संगठन
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धारूहेड़ा। गांव मसानी स्थित पंचायत भवन में रविवार को सूबेदार फूल सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में मसानी बैराज में लगातार छोड़े जा रहे दूषित और केमिकल युक्त पानी पर चिंता जताई गई। लोगों ने कहा कि दूषित पानी से बीमारियां फैल रही हैं। इसका समाधान होना चाहिए।
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बैठक में कमल सिंह यादव ने मसानी बैराज में छोड़े जा रहे दूषित पानी की समस्या को ग्रामीणों के सामने रखा। बताया कि रेवाड़ी शहर, खुशखड़ा इंडस्ट्रियल एरिया, भिवाड़ी इंडस्ट्रियल एरिया, धारूहेड़ा और बावल शहर का गंदा पानी गांव जड़थल के पास साहबी नदी में छोड़ा जा रहा है जो आगे मसानी बैराज में पहुंच रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस प्रदूषित पानी के कारण जडथल, पंचगांवां, रालियावास, निगानियावास, निखरी, डूंगरवास, मसानी, खलियावास, खरखड़ा और भड़साना सहित आसपास के गांवों में गंभीर बीमारियां फैल रही हैं।
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लोग त्वचा रोग से पीड़ित हो रहे हैं। पानी का रंग हरा हो चुका है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में बदबू के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है और भूजल भी प्रदूषित हो चुका है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रेवाड़ी शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट उस समय लगाया गया था जब शहर की आबादी 50 हजार थी। अब आबादी करीब 3 लाख हो चुकी है। सरकार ने कोई बड़ा नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित नहीं किया।
ग्रामीणों ने मांग की है कि रेवाड़ी शहर और औद्योगिक क्षेत्रों के गंदे पानी का पूरी तरह उपचार कर ही उसे मसानी बैराज में छोड़ा जाए। राजस्थान के खुशखड़ा और भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले केमिकल युक्त पानी को रोकने की मांग की गई।
बैठक में जिला पार्षद निरंजन, सरपंच विकास, संजय यादव मसानी, नवल सिंह डूंगरवास, मास्टर धर्मपाल, सुनील लादूवास, लंबरदार बिशन सिंह रालियावास, अशोक, विजय सिंह सांपली, तेजपाल आसियाकी टप्पा, धीरज यादव, वैभव यादव, अनीश, हनीश, रामफल, महिपाल फदनी, अनिल भगवानपुर मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने दिया ये सुझाव
ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि यदि बैराज में केवल उपचारित पानी छोड़ा जाए तो इसे एक कृत्रिम झील के रूप में विकसित किया जा सकता है। बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया तो 31 मई से गांव जीतपुरा से जनजागरण पदयात्रा शुरू की जाएगी। यह पदयात्रा कई चरणों में विभिन्न गांवों से होकर निकाली जाएगी। इसके बाद जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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