रेवाड़ी। बीते चार फरवरी को खुदकुशी करने वाला विकास (19) जेईई-मेन्स परीक्षा पास कर बीटेक करना चाहता था। उसका सपना इंजीनियर बनना था। वह घर पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। चर्चा है कि 4 फरवरी को जेईई-मेन्स की आंसर की जारी हुई थी जिसे देखकर वह परेशान था। इसी दिन उसने फंदे से लटक कर जान दी।
इस घटना ने परिवार के लोगों को सदमे में डाल दिया है। मेधावी विकास ने 12वीं कक्षा में नॉन-मेडिकल स्ट्रीम से अच्छे अंकों के साथ स्कूल टॉप किया था। 4 फरवरी से पहले वह सामान्य दिखाई दे रहा था लेकिन अंदर ही अंदर वह मानसिक दबाव में था।
घटना के बाद पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है जिसकी जांच की जा रही है। परिजन इस बात को लेकर परेशान हैं कि आखिर इतनी मेहनत करने वाले विकास ने ऐसा कदम क्यों उठा लिया।
विकास सकारात्मक सोच रखने वाला छात्र था। वह अक्सर कहता था कि एक दिन सफल इंसान बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगा। पढ़ाई के साथ-साथ उसमें जिम्मेदारी का भाव भी साफ दिखाई देता था। इसी वजह से शिक्षक और सहपाठी उससे काफी उम्मीदें रखते थे।
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सुसाइड नोट में लिखी थी ये बात
4 फरवरी को विकास ने फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली थी। उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था जिसमें लिखा था हां, मैं सुसाइड कर रहा हूं और इसके लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं। गुडबॉय लाइफ। फंदा लगाने वाले दिन विकास घर पर अकेला था। उसके पिता गांव में टहलने की बात कहकर गए थे जबकि उसकी मां मामा के घर गई हुई थी। उसका बड़ा भाई ड्यूटी पर गया हुआ था। विकास ने मकान का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। फिर फंदा लगाकर जान दे दी।