संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पड़ोसी जिला गुरुग्राम में कोरोना के दो केस मिलने के बाद नागरिक अस्पताल में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आरटीपीसीआर जांच फिर शुरू कर दी गई है और आपात स्थिति के लिए 10 ऑक्सीजनयुक्त बेड की व्यवस्था की गई है। वहीं, डाक्टरों ने लोगों को सैनिटाइजर, मास्क का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है।
नागरिक अस्पताल में अभी तक रैपिड जांच हो रही थी लेकिन अब आरटीपीसीआर जांच भी शुरू कर दी गई है। आरटीपीसीआर जांच के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था की गई है। कोविड को देखते हुए नागरिक अस्पताल में कोविड स्पेशल वार्ड शुरू किया गया है।
कोविड स्पेशन वार्ड में 10 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की गई है। वहीं, ओपीडी में आने वाले खांसी-जुकाम से पीड़ित मरीजों को कोरोना जांच करवाने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि परेशान होने की बात नहीं है।
सतर्कता बरत कर कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। वर्तमान में जिले के 4 राजकीय अस्पतालों में 40 एमटी ऑक्सीजन के प्लांट कार्य कर रहे हैं। सरकारी अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन स्टोरेज की क्षमता 6.5 एमटी है।
जिले के सरकारी अस्पतालों में इस समय 33 वेंटिलेटर, 392 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 111 बाईपेप्स, ऑक्सीजन सिलिंडर 435-बी टाइप, ऑक्सीजन सिलिंडर 254-डी टाइप की सुविधा उपलब्ध है।
जिले में करीब 15 लाख वैक्सीन डोज लोगों को लगाई गई थी। कोरोना-19 की दस्तक जब रेवाड़ी में हुई थी तो उस समय करीब 25 हजार लोग इसकी चपेट में आए थे। अधिकांश लोग कुछ समय बाद ठीक हो गए थे। 261 लोगों को कोविड के कारण जान गंवानी पड़ी थी।
-
लक्षण दिखे तो जांच कराएं, बरतें सतर्कता : सीएमओ
सीएमओ नरेंद्र दहिया ने बताया कि जिस व्यक्ति को बुखार, खांसी व गला खराब की शिकायत हो, वह चिकित्सक से इसकी जांच करवाएं, ताकि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कोरोना के नए केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। लोगों को भयभीत होने की जरूरत नहीं है। सोशल डिस्टेंस बनाएं, मास्क का इस्तेमाल करें। सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। हाथों को साफ रखें। सभी चिकित्सकों को निर्देश दिया गया है कि वे अस्पताल क्षेत्र को सैनिटाइज रखें। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने के लिए प्रेरित करें।
वर्जन:
सिविल अस्पताल में 10 बेड का स्पेशल वार्ड बना दिया गया है। कोरोना से बचाव के लिए आरटीपीसीआर जांच शुरू करवा दी गई है। लोगों से सतर्कता बरतने का सुझाव दिया जा रहा है।-भंवर सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन।