संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नए सत्र में निजी खेल नर्सरियों के लिए 15 मार्च तक जिलेभर से 177 आवेदन आए थे। खेल निदेशालय ने आवेदन की तिथि बढ़ाई है। अब 31 मार्च तक पंजीकरण किए जा सकेंगे। इसके बाद ही सत्यापन समेत अन्य प्रक्रिया की जाएंगी।
पिछले वर्ष जिले में 60 निजी खेल नर्सरियों का संचालन हुआ था। इस बार निजी खेल नर्सरियों की संख्या बढ़ सकती है। क्योंकि इस बार आवेदन ज्यादा आए हैं और अभी यह संख्या और बढ़ेगी। आवेदन मिलने पर ही प्रशिक्षकों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार कर नर्सरियों का निरीक्षण किया जाएगा। प्रशिक्षकों की तरफ से खेल के मैदान से लेकर खेल सामान भी देखा जाएगा। कोच की ओर से सभी नर्सरियों में फिजिबिलिटी जांचने के बाद एक कमेटी तैयार की जाएगी। कमेटी में 3 सीनियर कोच व जिला खेल अधिकारी शामिल होंगे।
दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने बजट में खिलाड़ियों का खुराक भत्ता बढ़ाने की घोषणा की है। नई घोषणा में 8 से 14 आयु के खिलाड़ियों को 2 हजार और 15 से 19 आयु वर्ग में 3 हजार रुपये किए गए हैं। इसके अलावा आवासीय अकादमी में रहने वाले खिलाड़ियों की प्रतिदिन की खुराक भत्ता भी बढ़ाई गई है।
इस वजह से की गई थी खेल नर्सरियों की शुरुआत
खेल विभाग की ओर से खेल नर्सरी शुरू करने का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के विद्यार्थियों एवं युवाओं में खेल के प्रति रूचि बढ़ाना है। साथ ही उन सभी को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना है। सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध ढांचे एवं सुविधाओं को और बेहतर बनाकर जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार किया जाना है। खुराक भत्ता प्राप्त करने के लिए खिलाड़ियों को महीने में कम से कम 22 दिनों के लिए खेल नर्सरी में कोचिंग स्तर पर उपस्थित होना पड़ता है। ट्रायल में चयन होने के बाद 25 छात्रों का चयन किया जाता है और 25 छात्रों को अगली प्रतीक्षा सूची में रखा जाता है।