संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के धारूहेड़ा और बावल में 27 दिसंबर की रात हुई ओलावृष्टि से सब्जी की फसल भी नष्ट हुई थी लेकिन इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश खरखड़ा ने राज्यापल, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद और केंद्र मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पत्र भेजकर प्रभावित सब्जी उत्पादकों को मुआवजा देने की मांग की है।
प्रकाश ने कहा कि धारूहेड़ा व बावल में गेहूं, सरसों के साथ सब्जी की फसल भी ओलावृष्टि से नष्ट हुई। प्रशासन तीनों फसलों के नुकसान का आकलन करते हुए किसानों को मुआवजा दिलाए। उन्होंने प्रशासन से यह भी अपील की है कि मुआवजे की प्रक्रिया को शीघ्र और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल की पत्तियां कटकर टूट गई हैं और पौधे गिर गए। यही नहीं, सरसों और सब्जियों की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। गेहूं, सरसों और सब्जियों के लिए कम से कम 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
मौजूदा समय में किसानों के बीच निराशा और गहरी चिंता का माहौल है। कई किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि के बाद उनकी उम्मीदें टूट गई हैं, और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि कैसे इस नुकसान से उबरेंगे। इसके अलावा, प्रशासन का केवल सरसों की फसल पर ध्यान केंद्रित करना और अन्य फसलों को नजरअंदाज करना उनके लिए एक और बड़ी चुनौती बन गया है। प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान नहीं देंगे तो उनकी स्थिति और भी खराब हो सकती है। इसलिए उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की अपील की है।