जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेते बच्चे। स्रोत : पुलिस
कुंड। गांव कुंड में पुलिस की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यशाला में साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी गई। इस दौरान एएसआई चरण सिंह ने बताया कि एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल कई सोशल मीडिया अकाउंट, ईमेल और बैंकिंग प्लेटफॉर्म में करना साइबर अपराधियों को आपके खातों तक पहुंचने का मौका दे सकता है।
उन्होंने बताया कि किसी एक वेबसाइट या एप से पासवर्ड लीक होने पर अपराधी उसी जानकारी के जरिये दूसरे खातों में सेंध लगाने की कोशिश करते हैं। इसे क्रेडेंशियल स्टफिंग कहा जाता है। इससे बचने के लिए प्रत्येक अकाउंट का अलग और मजबूत पासवर्ड रखना जरूरी है।
एएसआई चरण सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग, ई-कॉमर्स और बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ा है। लोग अक्सर याद रखने की सुविधा के लिए कई अकाउंट पर एक ही पासवर्ड रखते हैं।
यदि किसी एक प्लेटफॉर्म से उनकी जानकारी लीक हो जाती है तो दूसरे अकाउंट भी खतरे में पड़ सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड बनाने तथा पासवर्ड में नाम, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर जैसी आसानी से अनुमान लगाई जा सकने वाली जानकारी का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी।
पुलिस टीम ने बताया कि ईमेल, सोशल मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण अकाउंट पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखना चाहिए। इससे लॉगिन के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। जटिल पासवर्ड याद रखने के लिए विश्वसनीय पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
इसके अलावा व्हाट्सएप, टेलीग्राम और एसएमएस पर आने वाले संदिग्ध लिंक, फ्री रिचार्ज, लॉटरी और नौकरी के लालच वाले संदेशों से सावधान रहने को कहा गया। अनजान एपीके फाइल डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई।