संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से अनुसूचित जाति के किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एसबी-89 योजना के तहत ट्रैक्टर खरीद पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत 45 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर पर किसानों को ट्रैक्टर की कीमत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 3 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। इच्छुक अनुसूचित जाति के किसान 15 जनवरी 2026 तक विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. बलवंत सहारण ने बताया कि सरकार ने यह महत्वपूर्ण कदम अनुसूचित जाति के किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक कृषि साधनों से जोड़ने के उद्देश्य से उठाया है। उन्होंने कहा कि कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसान के पास स्वयं का ट्रैक्टर होना अनिवार्य होता है, ऐसे में यह योजना अनुसूचित जाति के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
उन्होंने बताया कि आवेदन करने वाले किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। साथ ही किसान के नाम या परिवार के किसी सदस्य के नाम कृषि भूमि दर्ज होनी चाहिए। लाभार्थी हरियाणा राज्य का निवासी तथा अनुसूचित जाति श्रेणी से संबंधित होना चाहिए। इसके अलावा किसान ने पिछले पांच वर्षों में कृषि विभाग की किसी भी योजना के अंतर्गत ट्रैक्टर पर अनुदान का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
चयनित किसानों को मिलेगा ऑनलाइन अनुदान पात्रता प्रमाण पत्र
कृषि अभियंता दिनेश शर्मा ने बताया कि यदि आवेदन लक्ष्य से अधिक प्राप्त होते हैं, तो लाभार्थियों का चयन उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। चयनित किसानों को ऑनलाइन अनुदान पात्रता प्रमाण पत्र (एसईसी) जारी किया जाएगा। चयनित किसान कृषि विभाग द्वारा अनुमोदित ट्रैक्टर निर्माताओं में से अपनी पसंद का ट्रैक्टर खरीद सकेंगे। ट्रैक्टर खरीदने के बाद बिल और आवश्यक दस्तावेज 15 दिन के भीतर सहायक कृषि अभियंता अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय में जमा कराने होंगे। ट्रैक्टर का भौतिक सत्यापन जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा और इसके बाद अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।
-
ट्रैक्टर को किसान अगले पांच वर्षों तक नहीं बेच सकेंगे
योजना के तहत अनुदान प्राप्त ट्रैक्टर को किसान अगले पांच वर्षों तक नहीं बेच सकेंगे। इसके लिए लाभार्थी को शपथ पत्र देना होगा। यदि तय अवधि से पहले ट्रैक्टर बेचा गया तो अनुदान राशि ब्याज सहित विभाग को लौटानी होगी। अधिक जानकारी के लिए किसान उप कृषि निदेशक या सहायक कृषि अभियंता कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।