फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: 7.38 लाख मतदाता, 64% से अधिक की हुई डिजिटल मैपिंग

Mon, 29 Dec 2025 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेेंसी
विज्ञापन


रेवाड़ी। मतदाता सूचियों के मिलान का काम तेजी से चल रहा है। सभी बीएलओ को तीनों विधानसभा हलकों में कुल 7 लाख 38 हजार 321 मतदाताओं का मिलान करना है। यह कार्य नवंबर में ही शुरू हो गया था। अब तक जिले में बीएलओ ने 4 लाख 73 हजार वोटर्स की सूची का मिलान कर लिया है। 63% से अधिक मतदाताओं की डिजिटल मैपिंग हो चुकी है।
हरियाणा में अप्रैल 2026 के बाद ही एसआईआर होनी है। इस कार्य में 792 बीएलओ (बूथ स्तर अधिकारी) की ड्यूटियां लगी हैं। सभी बीएलओ को पुराने रिकॉर्ड (2002 की मतदाता सूची) के साथ नई मतदाता सूची 2024 से डिजिटल मैपिंग का काम सौंपा गया है।
विज्ञापन

इस मैपिंग के दौरान ऐसे भी मतदाता मिल रहे हैं, जिनके दो अलग-अलग बूथ पर नाम हैं। मैपिंग में नाम आने के बाद उनका एक जगह से हटाया जा रहा है। रिकॉर्ड मिलान के दौरान कुछ ऐसे भी आए हैं, जिनका वर्ष 2024 की नई मतदाता सूची में तो नाम है, लेकिन 2002 की सूची में नहीं है।
कई लोगों के माता-पिता के नाम भी 2002 की सूची में नहीं है। ऐसे मतदाताओं को अपनी पहचान से संबंधित रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करने होंगे, तभी उनका मतदाता पहचान पत्र बन पाएगा। अन्यथा उनका नाम सूची में नहीं आ पाएगा। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपना व अपने रिश्तेदार का विवरण प्राप्त कर सकते हैं।
-
चरणबद्ध तरीके से कार्य पूरा किया जा रहा
बीएलओ को निर्देश दिए हैं कि वे मतदाता सूचियों के सत्यापन के दौरान यह सुनिश्चित करें कि कोई पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाएं और अपात्र या दोहरी प्रविष्टि वाले नाम हटाए जा सकें। मृतक, स्थानांतरित या लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की प्रविष्टियों की जांच की जा रही है। जिले के विधानसभा क्षेत्र रेवाड़ी, बावल व कोसली में यह कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों को दूर करना, अपात्र का नाम हटाना और नए पात्र मतदाताओं को शामिल करना है, ताकि आगामी चुनाव में त्रुटि रहित मतदाता सूची से तैयार हो सके। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन में चुनाव नायब तहसीलदार, कानूनगो, सुपरवाइजर और बीएलओ की टीमें बूथवार दस्तावेज के आधार पर रिकॉर्ड को जांच रही हैं। जिले में कुल 792 बूथ हैं, जिनमें रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र में 259, कोसली विधानसभा क्षेत्र में 276 व बावल विधानसभा क्षेत्र में 257 शामिल हैं।
-
ऐसे भी मतदाता, जिनके दो अलग-अलग बूथ पर नाम

इस मैपिंग के दौरान ऐसे भी मतदाता मिल रहे हैं, जिनके दो अलग-अलग बूथ पर नाम हैं। मैपिंग में नाम आने के बाद उनका एक जगह से हटाया जा रहा है। रिकॉर्ड मिलान के दौरान कुछ ऐसे भी आए हैं, जिनका वर्ष 2024 की नई मतदाता सूची में तो नाम है, लेकिन 2002 की सूची में नहीं है। कईयों के माता-पिता के भी 2002 की सूची में नाम नहीं है। ऐसे मतदाताओं को अपनी पहचान से संबंधित रिकॉर्ड भी प्रस्तुत करने होंगे, तभी उनका मतदाता पहचान पत्र बन पाएगा। अन्यथा उनका नाम सूची में नहीं आ पाएगा।

मतदाता सूची की मैपिंग 2002 की पुरानी सूची के आधार पर हो रही:
मतदाता सूची की मैपिंग 2002 की पुरानी सूची के आधार पर हो रही है। अगर आपका नाम, माता-पिता, दादा-दादी का नाम 2002 की सूची में नहीं है तो आपको नो-मैपिंग माना जाएगा और दस्तावेज देने ही होंगे। आपका नाम कट सकता है, अगर आप शिफ्ट हो चुके हैं और नया पता अपडेट नहीं किया, दोहरी प्रविष्टि है। मैपिंग में अगर परिवार का कोई सदस्य 2002 की सूची में है तो आपकी मैपिंग आसान है। नो-मैपिंग कैटेगरी में जिनका नाम सूची में रहेगा, लेकिन दस्तावेज देना अनिवार्य होगा।
विज्ञापन



वर्जन:

जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 7 लाख 38 हजार 321 मतदाता हैं। साढ़े 4 लाख वोटर्स का माता-पिता के रिकॉर्ड से मिलान हो चुका है। जल्द ही शेष मतदाताओं की भी डिजिटल मैपिंग का काम कर लिया जाएगा। अजय यादव, नायब तहसीलदार (चुनाव)।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें