रामगढ़ भगवानपुर के लोग अब मेरे से उम्मीद न करें : राव
200 बेड के अस्पताल को लेकर करीब तीन सप्ताह से चल रहे धरने पर राव इंद्रजीत ने कहा है कि रामगढ़ भगवानपुर के लोग अब उनसे कोई उम्मीद न करें। कहा है कि अब मुझे मेरे मन को टटोलना पड़ेगा। रामगढ़ भगवानपुर के ग्रामीणों को मनाने के सवाल पर बोले-इ मेरी छवि बिगड़ने की कोशिश की जा रही है। अब मेरा वहां जाना उचित नहीं है। धरने का राजनीतिकरण हो गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल बने तो सबसे अच्छी जगह बने ताकि सबको फायदा मिले। मैंने पहले अस्पताल के लिए रामगढ़ भगवानपुर गांव की पैरवी की थी। हालांकि सेक्टर- 18 में पहले से अस्पताल के लिए 5.8 एकड़ जमीन उपलब्ध है। इस बारे में न तो विभाग को पता था और न ही स्वास्थ्य मंत्री को। अब उसकी भी बात चल रही है।
भिवाड़ी का पानी लेने में परेशानी नहीं, बस वह साफ हो
भिवाड़ी-धारूहेड़ा के बीच चल रहे रैंप विवाद पर राव ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि भिवाड़ी का पानी लेने में कोई परेशानी नहीं है लेकिन शर्त यह है कि वह साफ होना चाहिए। अगर कंपनी का दूषित पानी भी उसमें आएगा तो धारूहेड़ा के लोगों के लिए समस्या होगी। पानी भिवाड़ी का साफ हो तो उसे मसानी बैराज में डालो। कहा, बैराज में दूषित पानी को लेकर एनजीटी में मामला भी चल रहा है। वहां साफ पानी ही डालें तो कोई समस्या नहीं है। इससे पानी में रहने वाले जीवों को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा।