बिहार में फर्जी खातों का जाल
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे साल 2022 से हर दिन औसतन चार ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे, जिसके आधार पर उन्होंने 150 से अधिक मामलों को अंजाम दिया। रेवाड़ी में भी चार ठगी की घटनाओं को उन्होंने स्वीकार किया। ठगी की रकम को बिहार में खुलवाए गए फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इन खातों के मालिकों को ठगी की राशि का 15-20% कमीशन दिया जाता था। पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
सट्टे की लत और नौकरी छूटने से बने ठग
डीएसपी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि अजीत, विकास, संदीप और संजय पढ़े-लिखे हैं और पहले अच्छी नौकरियों में थे। विकास और संदीप ने बैंकिंग क्षेत्र में, जबकि संजय ने कॉल सेंटर में काम किया था। 2021 में नौकरी छूटने और सट्टे की लत के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे इन चारों ने 2022 में मिलकर यह ठगी का गिरोह बनाया।
ये भी पढ़ें: हरियाणा में सड़क हादसा: रोडवेज बस और ट्राले में हुई जोरदार टक्कर, रॉन्ग साइड में खड़ा था वाहन, चार लोग घायल