संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहे दुष्कर्म और अपहरण के दो मामलों में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता ने दो दोषियों को 20-20 साल कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पीड़ित पक्ष की तरफ से पैरवी जिला उप न्यायवादी जगबीर सिंह सहरावत ने की। दोनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपी युवकों के खिलाफ अदालत में फोरेंसिक व अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए थे। गवाहों के बयान भी दर्ज कराए गए। सभी दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने दोषी करार दिया था। पहकी घटना में रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 3 अप्रैल 2021 को पुलिस को शिकायत देकर एक युवक पर उसकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने अपहरण व पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी देवराज को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के बाद पुलिस ने देवराज के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की थी। कोर्ट में सबूत और गवाह पेश होने के बाद उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है।
दूसरा मामला कोसली थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 23 जून 2021 को दी शिकायत में पीड़िता के पिता ने कहा था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी दसवीं कक्षा की छात्रा है। रात को उसकी बेटी घर में सोई हुई थी। रात एक बजे दो युवकों ने घर से उसका अपहरण कर लिया। अगली सुबह वह घर नहीं मिली तो उसकी तलाश शुरू की। सुबह 7 बजे बेटी ने खुद फोन कर बताया कि वह कोसली में है। कोसली पुलिस उसे घर ले आई। बेटी ने बताया कि दो युवक उसका अपहरण कर अज्ञात स्थान पर ले गए, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद दोनों अज्ञात युवकों के खिलाफ दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पड़ताल में आरोपियों की पहचान हो गई। जिसमें एक आरोपी कोसली के रूपेश उर्फ कानिया के रूप में हुई। उसे गिरफ्तार करने के बाद मामला अदालत में लंबित था। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने उसे 20 साल कैद की सजा सुनाई है। दूसरे आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया।