संवाद न्यूज एजेंसी
बावल(रेवाड़ी)। सेक्टर-5 स्थित जीएलएस केमिकल फैक्टरी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लापता श्रमिकों की तलाश जारी रही। इसी बीच मलबे से दो कंकाल मिले है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद तलाशी अभियान को तेज किया गया था। आशंका जताई जा रही है कि ये कंकाल उन श्रमिकों के हो सकते हैं जो हादसे के बाद से लापता हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि डीएनए जांच के बाद ही कंकाल की पहचान हो सकेगी।
अग्निकांड के बाद से दो श्रमिक धर्मेंद्र और जितेंद्र का कोई सुराग नहीं लग पाया था। दोनों के परिजनों ने पुलिस को गुमशुदगी की शिकायत दी थी और लगातार उन्हें तलाशने की मांग कर रहे थे। परिजनों का कहना था कि हादसे के समय दोनों फैक्टरी में थे लेकिन आग लगने के बाद से उनका पता नहीं चल पाया।
शनिवार को दोनों श्रमिकों के परिजनों ने हंगामा किया था। इसके बाद प्रशासन और बचाव टीमों ने तलाश तेज कर दी। परिजनों की तलाश में अस्पतालों, पुलिस थानों और फैक्टी के बाहर चक्कर लगा रहे थे। कई बार उन्होंने प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लगाए और जल्द कार्रवाई की मांग की।
मामले में बावल थाना प्रभारी फूल सिंह ने बताया कि फैक्टरी के मलबे से दो कंकाल मिले हैं। अब इनकी पहचान के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट कहा जा सकेगा कि ये अवशेष किन लोगों के हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस के पास दो लोगों के लापता होने की शिकायत परिजनों द्वारा दी गई थी। ऐसे में दोनों परिवारों के डीएनए नमूने लेकर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पूरे मामले को लेकर लगातार सवाल उठते रहे
उधर, मामले को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। श्रमिकों के परिजनों ने कई बार कहा कि हादसे के बाद तलाशी के काम मं तेजी नहीं दिखाई गई। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी मामले में गंभीरता से कार्रवाई की मांग उठाई। इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाता रहा जिसके बाद प्रशासन ने भी तलाश अभियान को और तेज किया। फिलहाल इस घटनाक्रम के बाद दोनों परिवारों की उम्मीदें और चिंताएं एक साथ बढ़ गई हैं। दोनों परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
24 मई को अमर उजाला में प्रकाशित खबर