रेवाड़ी। जिले में डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। 11 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग की ओर से रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को डेंगू के दो नए केस पाए गए हैं। दोनों मरीज सरकारी अस्पतालों में मिले हैं। निजी अस्पतालों में कोई नया केस नहीं मिला है। इसके साथ इस सीजन में जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या 26 पहुंच गई है। इनमें पांच मरीज सरकारी अस्पतालों और 21 मरीज निजी अस्पतालों में पाए गए हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. जोगेंद्र तंवर ने बताया कि शुक्रवार को सरकारी संस्थानों में 36 सैंपल लिए गए, जबकि निजी क्षेत्र में किसी भी मरीज का सैंपल नहीं लिया गया। एक दिन में कुल 36 सैंपल संग्रहित किए गए। अब तक जिले में 2467 सैंपल की जांच की जा चुकी है। शुक्रवार को डेंगू के किसी नए मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया।
वर्तमान में एक डेंगू मरीज अस्पताल में उपचाराधीन है। एक मरीज को शुक्रवार को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक आठ भर्ती मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार डेंगू के 15 मरीज ऐसे रहे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी और उनका उपचार ओपीडी स्तर पर ही किया गया।
जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए घर-घर सर्वे और स्रोत नष्ट करने की गतिविधियां भी जारी हैं। विभाग की ओर से अब तक 15,52,497 घरों की जांच की जा चुकी है, जबकि 2089 नोटिस जारी किए गए हैं।
क्षेत्रवार आंकड़ों में रेवाड़ी शहरी क्षेत्र में डेंगू के 12 केस सामने आए हैं। इसके अलावा गुरावड़ा में दो, मीरपुर में पांच, बावल में पांच, खोल में एक और नाहड़ में एक केस रिपोर्ट हुआ है। जिले में डेंगू से अभी तक कोई मृत्यु दर्ज नहीं हुई है।
मलेरिया के मिले 12 केस
मलेरिया के भी कुल 12 केस सामने आए हैं। इनमें आठ स्थानीय तथा चार जिले से बाहर के बताए गए हैं। शुक्रवार को मलेरिया का भी एक नया केस रिपोर्ट हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए जांच, सर्वे और स्रोत नियंत्रण गतिविधियां लगातार जारी हैं।
घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही टीमें
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। टीमों की ओर से लोगों को घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर, टंकियों और अन्य बर्तनों की नियमित सफाई करने तथा मच्छरों के पनपने वाले संभावित स्रोतों को खत्म करने की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्यकर्मी घरों में लार्वा की जांच कर लोगों को आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।