रेवाड़ी। जिले में मंगलवार को डेंगू के दो नए मामले मिलने के बाद अब डेंगू के कुल मामलों की संख्या 23 हो गई है। इनमें तीन मामले सरकारी और 20 निजी अस्पतालों में सामने आए हैं। डेंगू से अब तक जिले में कोई पुष्ट मौत नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
बुलेटिन के अनुसार मंगलवार को डेंगू के दो नए मामले सामने आए। अस्पतालों में डेंगू के तीन मरीज उपचाराधीन हैं। दिन के दौरान एक मरीज को अस्पताल से छुट्टी दी गई, जबकि पिछले दिनों में पांच मरीजों को छुट्टी दी जा चुकी है।
15 डेंगू मरीजों का ओपीडी में उपचार किया गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी। डेंगू के कुल 23 मामलों में रेवाड़ी शहरी क्षेत्र सबसे आगे है। यहां नौ मामले सामने आए हैं। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बावल क्षेत्र में पांच, मीरपुर में तीन, गढ़ी में दो तथा खोल और नाहर क्षेत्र में एक-एक मामला दर्ज किया गया है।
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए ट्राॅमा सेंटर स्थित मीटिंग हॉल में मंगलवार को डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य निरीक्षकों की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता डेंगू एवं मलेरिया नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जोगेंद्र तंवर ने की। इसमें वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य निरीक्षकों को मच्छरों की उत्पत्ति वाले स्थानों की नियमित जांच करने, लार्वा मिलने पर उसे नष्ट कराने और लोगों को डेंगू-मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
डॉ. जोगेंद्र तंवर ने कहा कि बारिश के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और प्रभावी रोकथाम से डेंगू-मलेरिया के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है।
15 लाख से अधिक घरों की जांच:
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और उन्हें खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 15 लाख 34 हजार 387 स्रोत नियंत्रण गतिविधियां यानी घरों की जांच की जा चुकी हैं। मच्छरों का प्रजनन पाए जाने पर 2016 प्रगतिशील नोटिस जारी किए गए हैं।
अबतक मलेरिया के 11 मामले मिले
जिले में मलेरिया के कुल 11 मामले सामने आए हैं। इनमें आठ मामले स्थानीय स्तर पर संक्रमण के हैं, जबकि तीन मामले जिले या राज्य से बाहर के हैं। मलेरिया का अंतिम मामला 18 अगस्त को सामने आया था। वहीं डेंगू का अंतिम मामला 8 सितंबर को सामने आए दो नए मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घरों में कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, टायर और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें। प्रत्येक रविवार को सूखा दिवस मनाकर पानी के पात्रों को खाली करने और साफ करने से मच्छरों के प्रजनन को रोकने में मदद मिलेगी।