रेवाड़ी। जिला पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने गांव लिसाना और गंगायचा जाट में घर-घर जाकर ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभाव और उससे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान दो नशा पीड़ितों को रेवाड़ी के डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती कराया गया ताकि उनका उपचार और पुनर्वास किया जा सके।
निरीक्षक रामपाल ने बताया कि अब तक नशा मुक्ति टीम ने जिले में 120 नशा पीड़ितों की पहचान की है जिनमें से 35 का इलाज करवाया जा चुका है।
निरीक्षक रामपाल ने कहा कि यदि पुलिस और आमजन मिलकर काम करें तो नशे जैसी बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। नशा केवल व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे परिवार का जीवन प्रभावित करता है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर ध्यान दें और नशे से दूर रहें। उन्होंने गांव के नागरिकों, युवाओं और बच्चों से कहा कि वे नशे के विरुद्ध इस अभियान में पुलिस का सहयोग करें और यदि किसी परिवार में कोई व्यक्ति नशा करता है तो उसे नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें।