रेवाड़ी। बिजली कर्मचारियों की बुधवार की रात 10 बजे से शुरू हुई हड़ताल के चलते वीरवार और शुक्रवार की देर रात तक बिजली संकट बना रहा। बिजली गुल रहने से न सिर्फ 100 से अधिक कॉलोनियों और करीब 250 गांवों में अंधेरा पसरा रहा बल्कि 400 उद्योगों में कामकाज प्रभावित रहा। पेयजल संकट से लोग परेशान रहे। शुक्रवार की रात बिजली कर्मियों के हड़ताल खत्म करने पर जिला रोशन हो उठा और लोगों ने राहत की सांस ली।
शहर के विभिन्न सेक्टरों में वीरवार और शुक्रवार को बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी हुई। बिजली गुल रहने से घरों में इन्वर्टर ठप हो गए। मोटर नहीं चलने से जलापूर्ति ठप रही। करीब 400 उद्योग प्रभावित रहे। कई उद्योगों को जनरेटर का सहारा लेना पड़ा। छोटे उद्योगों के संचालकों के सामने चुनौती पैदा हो गई क्योंकि वे लगातार जनरेटर नहीं चला जा सकते थए।
रेवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रधान कृष्ण कुमार ने कहा था कि बिजली संकट लगातार रहा तो कर्मचारियों की छंटनी की नौबत आ सकती है। उन्होंने सरकार से हड़ताल समाप्त कराने की मांग की थी। लघु उद्योग भारती के जिला प्रधान संजय डाटा ने कहा कि बिजली गुल होने से छोटे उद्योगों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
अमित स्वामी यंग मैन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित स्वामी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज को पत्र लिखकर बिजली संकट का तुरंत समाधान करने की मांग की है।
बावल : बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन्वर्टर बंद होने से लोग रातभर बिजली आने का इंतजार करते रहे। पेयजल संकट के चलते महिलाएं सरकारी हैंडपंप से पानी भरती नजर आईं। शहर के कई इलाके अंधेरे में डूबे रहे।
धारूहेड़ा : विभिन्न क्षेत्रों में बिजली संकट के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार देर शाम से बाधित बिजली आपूर्ति शुक्रवार को भी कई क्षेत्रों में सुचारु नहीं हो पाई।
कुछ क्षेत्रों में बिजली चालू कर दी गई, जबकि द्वारकाधीश, महेश्वरी, एम2के सोसाइटी, बेस्टेक सिटी, डेंटल कॉलोनी और कपड़ीवास सहित कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित रही।
घर के कामकाज पूरी तरह प्रभावित
परशुराम कॉलोनी निवासी कमला देवी ने बताया कि बिजली नहीं आने से घर के कामकाज प्रभावित हो रहा है। इन्वर्टर भी जवाब दे चुके हैं और पानी की मोटर नहीं चलने से पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है। सुबह बच्चों को स्कूल भेजने और खाना बनाने में परेशानी होती है। बिजली निगम के अधिकारियों को जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करनी चाहिए।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोग परेशान
ईश्वर सिंह ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन को जनरेटर या अन्य वैकल्पिक माध्यमों से ट्यूबवेल चलवाने चाहिए, ताकि लोगों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े। बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करना जरूरी है।
सेक्टर 1 में रात के समय छाया अंधेरा। संवाद