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Rewari News: कृषि महाविद्यालय बावल में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ आज

Thu, 30 Oct 2025 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो: 15रेवाड़ी। बावल ​स्थित कृषि महाविद्यालय। संवाद
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बावल। बावल स्थित कृषि महाविद्यालय में नवाचार और स्थायित्व द्वारा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति विषय पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ आज होगा। यह बावल परिसर में आयोजित पहला राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवाचार, स्थायित्व और अनुसंधान को प्रोत्साहित कर खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण विकास और पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ बनाना है।
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संगोष्ठी कृषि महाविद्यालय बावल एवं सोसाइटी फॉर एग्रीकल्चर एंड अलाइड साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। इसे भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित किया गया है। इसमें देश के 13 राज्यों और 34 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों और कृषि विशेषज्ञों सहित चार देशों यूके, जर्मनी, अफ्रीका और फ्रांस के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
कुल 292 शोध सारांश प्राप्त हुए हैं, जिनमें 5 प्रमुख वक्ता, 8 मुख्य व्याख्यान, 67 मौखिक प्रस्तुतियां और 225 पोस्टर प्रस्तुतियां शामिल हैं। संगोष्ठी में कृषि के स्थायित्व पर जलवायु परिवर्तन, संरक्षण कृषि, जैविक खेती, प्रिसीजन फार्मिंग, संसाधन प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन तकनीक, महिला सशक्तिकरण, कृषि नीतियां और बाजार व्यवस्था जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
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इसका उद्देश्य है कि संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में कृषि की भूमिका को मजबूत किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट मौखिक व पोस्टर प्रस्तुतियों के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ शोध प्रबंध (थीसिस) के लिए भी पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जिनमें कृषि विज्ञान, पशु विज्ञान, सामुदायिक विज्ञान, आधारभूत विज्ञान और वानिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने कहा कि यह संगोष्ठी विश्वविद्यालय की आत्मनिर्भर कृषि, पोषण सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वहीं, कार्यक्रम संयोजक एवं कॉलेज प्राचार्य डॉ. नरेश कौशिक ने बताया कि यह आयोजन कृषि अनुसंधान, नीतिगत विचार-विमर्श और नवाचार के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध होगा।
संगोष्ठी के सभी सत्र कृषि महाविद्यालय बावल परिसर में आयोजित होंगे, जहां प्रतिभागियों के लिए आवास, परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। यह आयोजन भारत में टिकाऊ कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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