रेवाड़ी। नशा तस्करी के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जतिन गर्ग की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए दोनों को 12-12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों को एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। फरवरी 2024 में आरोपियों से पुलिस ने 700 ग्राम सुल्फा बरामद किया था।
25 फरवरी 2024 को कोसली थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि गुड़ियानी माइनर के पास बने हनुमान मंदिर के नजदीक दो व्यक्ति बैठे हैं। इनमें एक व्यक्ति बाबा के वेश में है और उसके पास अवैध नशीला पदार्थ है। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तार आरोपियों में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन स्थित काली स्थान मंदिर नया बाजार निवासी सोहन नाथ उर्फ सोनू और शिमला जिले के चुरवाधार गांव निवासी सुरेंद्र उर्फ विक्की राणा की पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी ली।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक किलो 700 ग्राम अवैध नशीला पदार्थ सुल्फा बरामद हुआ। पुलिस ने नशीला पदार्थ कब्जे में लेकर दोनों के खिलाफ कोसली थाने में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए 12-12 साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।