बावल स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में नशे के खिलाफ आयोजित मैराथन में भाग लेते विद्यार्थी।स्रोत:कॉल
बावल। क्षेत्र स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में नशे के खिलाफ मैराथन का आयोजन किया गया। युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित मैराथन में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, बावल के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत यादव ने कहा कि नशे की आदत युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालती है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
एनएसएस समन्वयक डॉ. अमरजीत ने कहा कि युवा देश की शक्ति हैं और उन्हें अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, अनुसंधान तथा समाजसेवा जैसे सकारात्मक कार्यों में लगानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
इस दौरान विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में योगदान देने की शपथ ली। मैराथन में विद्यार्थियों ने जोश के साथ भाग लेते हुए आमजन को भी नशे के खिलाफ जागरूक किया। मैराथन के समापन पर विभिन्न वर्गों के विजेताओं की घोषणा की गई। लड़कों की श्रेणी में मानव ने प्रथम, दुष्यंत ने द्वितीय और दीपांशु ने तृतीय स्थान हासिल किया। लड़कियों की श्रेणी में मुकुल प्रथम, रीता द्वितीय और प्रीति तृतीय स्थान पर रहीं। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और स्वस्थ, सुरक्षित व उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संदेश दिया।
बावल स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में नशे के खिलाफ आयोजित मैराथन में भाग लेते विद्यार्थी।स्रोत:कॉल