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Rewari News: मुसीबत...सड़कों पर जलभराव से बने गड्ढे, आवागमन प्रभावित

Wed, 03 Sep 2025 01:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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हनुमान जी मंदिर मार्ग पर हुआ जलभराव। संवाद
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रेवाड़ी। जिले में सोमवार रात से शुरू हुई बारिश का दौर मंगलवार को पूरे दिन जारी रहा। बारिश के चलते पूरे शहर में जलभराव हो गया। सड़कों पर घुटने भर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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बारिश की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। इस दौरान शहर के ब्रास मार्केट, माॅडल टाउन, रेलवे अंडरपास, पुराना कोर्ड रोड, सब्जी मंडी, नई अनाज मंडी मार्ग, कुतुबपुर, गुलाबी बाग एरिया, रेलवे अंडरपास, सर्कुलर रोड, नाई वाली चौक, रेवाड़ी बस स्टैंड, भाड़ावास मार्ग, भाड़ावास गेट, बाजार, बस अड्डा, पुराना हाउसिंग बोर्ड में जलभराव हो गया।
रेवाड़ी में 50, मनेठी में 46, पालहवास में 58, धारूहेड़ा में 49, डहीना में 32, बावल में 48, कोसली में 37, नाहड़ में 43 मिमी बारिश दर्ज की गई।
वहीं, प्रशासन की टीमों ने जलनिकासी के लिए पूरे दिन मशक्कत की। बावल स्टैंड के पास व्ययस्तम मार्ग दिल्ली जयपुर हाईवे एनएच 48 पर आवेरब्रिज निर्माण के कारण पूरी सर्विस रोड़ टूटी हुई है।
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इसके कारण बड़े-बड़े गड्ढों ने वाहन चालकों की परेशानियां बढ़ा दीं। जिले में बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए 45 पंप सेट लगाए गए हैं, जिसमें 16 डीजल व 29 इलेक्ट्रिक पंप सेट शामिल हैं।
हालांकि, फिर भी जलभराव हो ही जा रहा है। इसका मुख्य कारण जल निकासी का कोई प्रबंध नहीं होना है। ब्रास मार्केट में पानी को तो निकाला गया, मगर उसको वहां पर मौजूद पार्क में पानी छोड़ा गया। इससे पार्क पूरा जलमग्न हो चुका है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी बारिश की संभावना जताई है। स्कूल आने जाने वाले बच्चों को भी काफी परेशानी हुई।

बाढ़ राहत नियंत्रण कक्ष में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई

डीसी अभिषेक मीणा ने बरसात में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए प्रबंधों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को उचित प्रबंध करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। डीसी ने कहा कि बारिश के कारण जिला में कहीं भी जलभराव की स्थिति बनती है तो जल निकासी को लेकर पंप सेट, ड्रेनेज की सफाई करवाने सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि जिला में संभावित जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित करते हुए पहले से ही पंप सेट सहित आवश्यक प्रबंध सिंचाई विभाग के माध्यम से स्थापित कर दिए हैं। डीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार फील्ड में रहकर जिला में जलभराव से संबंधित मॉनिटरिंग करते रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला में सभी ड्रेन साफ होनी चाहिए तथा जलभराव की निकासी से संबंधित सभी संसाधन चालू हालत में होने चाहिए ताकि कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर उनका प्रयोग किया जा सके।
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