संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत कार्डधारकों को मुफ्त मिलने वाली इलाज सेवा बंद हो गई है। भुगतान नहीं होने के कारण जिले के आयुष्मान पैनल में शामिल अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत उपचार नहीं करने का निर्णय लिया है।
जिले में 481518 आयुष्मान धारक हैं। जिले के 24 निजी अस्पतालों में इन कार्ड के माध्यम से उपचार चलता है। करीब 15 करोड़ रुपये जिले का बकाया है। निजी अस्पतालों में 50 से ज्यादा विभिन्न बीमारियों के ऑपरेशन होते हैं। अब ये बोझ सिविल अस्पताल में बढ़ जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में दूरबीन से पित्ते की थैली ऑपरेशन, बच्चे दानी ऑपरेशन, मोतियाबिंद ऑपरेशन व सांस बीमारी संबंधित उपचार बंद किए जा चुके हैं। बकाया का भुगतान न होने की वजह से इन अस्पतालों ने कार्डधारकों का इलाज न करने का फैसला लिया है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. दीपक ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को योजना से लाभ मिल रहा है। निजी अस्पताल इलाज करते हैं, लेकिन कई माह से भुगतान नहीं हो रहा है। इसलिए निजी अस्पताल बहुत परेशानी में है।
हरियाणा सरकार के साथ हुए समझौते के मुताबिक आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने आने वाले मरीजों के बिल का भुगतान निजी अस्पताल को 15 दिन के अंदर करना होता है, लेकिन यहां तीन साल बाद भी पैसों का भुगतान नहीं किया जा रहा है।इस संबंध में कई बार स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से मीटिंग हुई है, लेकिन पूरी पेमेंट नहीं हो रही है।
वर्जन
रेवाड़ी में 25 अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज होता है। 5 से 6 करोड़ रुपये का बकाया है जो अभी तक नहीं दिया गया है। यह बकाया कई महीनों से है। ऐसे में कार्डधारकों का इलाज बंद कर दिया गया है।-डॉ. दीपक यादव, जिला अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रेवाड़ी।