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हस्तांतरण में अटका सेक्टरों का विकास

Tue, 04 Oct 2016 11:55 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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पंचकूला में बदहाल सड़क - फोटो : अमर उजाला
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हुडा और नगर निकाय की हस्तांतरण प्रक्रिया के बीच जिले के सेक्टरों का विकास अटक गया है। सरकार की ओर से हुडा के कई सेक्टर नगर निकाय को हैंडऑवर करने के आदेश के बावजूद निकाय अधिकारी इसे लेने को तैयार नहीं हैं। इसके लिए वे अपने यहां पहले से ही स्टॉफ और संसाधनों का अभाव बता रहे हैं। वहीं हुडा अधिकारी सेक्टरों को हैंड ऑवर करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार हरियाणा अर्बन लोकल बॉडी की ओर से चार अप्रैल को सभी नगर निगम एवं नगर परिषद में हुडा की ओर से हस्तांतरित सेक्टरों की सूची भेजी गई। सूची के तहत हरियाणा अर्बन डेवलेपमेंट अथॉरिटी के अंडर आने वाले शहर के सेक्टर-1,3,4, धारूहेड़ा के चार-ए, 6पी-1,6पी-2 एवं कोसली का एक मात्र सेक्टर में  सड़क, पानी एवं सीवरेज की व्यवस्था का जिम्मा अब अर्बन लोकल बॉडी  पर होगा।  धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की देख-रेख भी धारूहेड़ा नगर पालिका करेगी। आदेशों के अनुसार प्रदेश में कूल 188 सेक्टरों को यूएलबी के हवाले किया गया है।

पांच साल बाद हस्तांतरित करने होते हैं सेक्टर
सरकारी नियमानुसार हुडा सेक्टर विकसित करने के पांच साल बाद उक्त सेक्टर नगर निकाय को हस्तांतरित करना होता है। सरकार की ओर से बीते दिनों प्रस्ताव पास कर हरियाणा में कुल 188 सेक्टरों को नगर निकाय के हवाले किया गया है। लेकिन आलम यह है कि जिले के सेक्टरों को बने करीब बीस साल हो गए,लेकिन हुडा यहां पर एक बार भी सड़क तक नहीं बना पाया।
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सेक्टर-3 एवं धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र बदहाल
शहर के सेक्टर-3 एवं धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को विकसित हुए बीस साल से ज्यादा का समय हो गया। हुडा की उपेक्षा की आलम यह है कि बनने से लेकर आज तक यहां पर एक बार भी सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया है। सेक्टर-3 में सड़क कहीं दूर तक नहीं है, यहां पर केवल गड्ढे ही नजर आते हैं। ऐसे ही हालात धारूहेड़ा के औद्योगिक एवं रिहायशी सेक्टर के हैं। यहां पर ने तो बिजली है और नहीं सीवर की व्यवस्था है। शाम होते ही यहां पर अंधेरा पसर जाता है तथा अंधेरा का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व चोरी व अन्य घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं। ऐसे ही हालात रेवाड़ी के औद्योगिक सेक्टर-11 के हैं।

कई बार हो चुके हैं प्रदर्शन
सेक्टरों की बदहाल स्थिति को लेकर रेजिडेंट वेलफेयर की ओर से कई बार प्रदर्शन तक किया जा चुका है। बावजूद इसके हालातों में कोई सुधार नहीं हो पाया है। चार अप्रैल 2016 से जहां हुडा के अधिकारी हस्तांरण की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं,वहीं नप अधिकारी हैड-ओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं होने की बात कहते हैं।

हैंडओवर के बाद बिगड़ सकते हैं हालात
सेक्टर-तीन रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सर्वसुख यादव का कहना है कि नगर परिषद पहले के पास जो कॉलोनियां है,उनके हालात किसी से छुपे नहीं हैं। कॉलोनियों में चारों ओर गंदगी एवं बदहाल स्थिति है। ऐसे में नगर परिषद सेक्टरों को कैसे मेनटेन करेंगे। उन्होंने कहा कि दो साल से नगर परिषद में काम ठप पड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम सेक्टर को नगर परिषद को देने का विरोध करते हैं,क्योंकि हालात सुधरने की बजाए बिगड़ने निश्चित हैं।

वर्जन- लेटर मिलने से कुछ नहीं होता है। हुडा के अधिकारियों की ओर से नगर परिषद अधिकारियों के साथ कोई मीटिंग नहीं की है। हैंडओवर लेने से पहले सेक्टर की सड़क एवं अन्य व्यवस्थाओं को रिकॉर्ड मेंटेन करना होता है। हमारे पास पहले से ही स्टॉफ कम है। सेक्टरों की व्यवस्था सुधारने की बात दूर है।
-मनोज यादव, ईओ, नप
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नियमानुसार नगर निकाय को सेक्टर हस्तांतरित कर दिए गए हैं। शहर के सेक्टर-1,3,4 सहित धारूहेड़ा एवं कोसली के सेक्टर को भी में सड़क एवं अन्य व्यवस्थाओं का जिम्मा नगर निकाय को सौंपा गया है। सरकारी गाइड लाइन के अनुसार कार्य किया जा रहा है।
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-सिद्धार्थ, एस्टेट ऑफिसर, हुडा, रेवाड़ी
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