पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाने में बढ़ावा दे रहे चीन को आर्थिक रूप से कमजोर करने के पक्ष में व्यापारिक संगठनों के साथ ही आम लोगों ने कमर कस ली है। अमर उजाला ने मंगलवार को समाज के लोगों से चर्चा की तो लोगों ने भी चाइनीज आइटम का बहिष्कार करने की बात पर सहमति जताकर चाइनीज आइटम न खरीदने की शपथ ली।
लोगों का कहना था कि सीमा पर संघर्ष कर रहे जवानों की जान लेने वाली गोली उनके पैसे से खरीदी गई हो यह वे हरगिज नहीं चाहते। लोगों का यहां तक कहना था कि चाइनीज आइटम पूरी तरह से बैन हो जाने चाहिए। सोमवार को शहर के तमाम व्यापारिक संगठनों ने चाइनीज आइटमों को प्रतीकात्मक रूप से जलाने के साथ ही इनकी खरीद और बिक्री का बहिष्कार किया था।
सोशल मीडिया पर व्यापारिक संगठनों की तारीफ
रेवाड़ी के व्यापारियों द्वारा चाइनीज आइटम की बिक्री के बहिष्कार का मामला सोशल मीडिया में भी वायरल हो गया है। दूसरे जिलों और प्रांतों के लोग भी रेवाड़ी के व्यावसायिक संगठनों की तारीफ कर रहे हैं। व्हाट्स एप पर मैसेज चल रहा है कि छोटा सा शहर और इतना बड़ा फैसला, कमाल कर दिया रेवाड़ी के व्यापारियों ने। हम भी चीन का सामान नहीं खरीदने का प्रण ले सकते हैं। सैल्यूट टू रेवाड़ी बिजनेसमैन।
चीन की मदद से आतंक फैला रहे पाकिस्तान को रोकने के लिए चीन को आर्थिक रूप से कमजोर करना बेहद जरूरी है। चाइनीज आइटम न खरीदने की मैं शपथ लेता हूं। - संदीप बोहरा, निवासी, धारूहेड़ा
व्यापारिक संगठनों की पहल निश्चित रूप से बहुत अच्छी है। मैं भी चाइनीज सामान न लेने का प्रण लेता हूं। - सुनील सैनी, निवासी, छिपटवाड़ा
हम सीमा पर जाकर देश की रक्षा तो नहीं कर सकते। लेकिन देश की रक्षा के लिए चाइनीज सामान का विरोध कर ही सकते हैं। - सुभाष चंद, निवासी, बल्लूवाड़ा
आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे चीन को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए सामान कुछ महंगा भी मिले तो भी कोई दिक्कत नहीं। देशप्रेम पहले है। - विनय कुमार, रेवाड़ी