फोटो : प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त करते हुए।स्
- फोटो : जिला चिकित्सालय में पैथालॉजी के बाहर रिपोर्ट लेने के लिए लगी भीड़।
रेवाड़ी। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने जिले में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी ), संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के उत्पादों के विपणन के लिए “ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग” पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में रेवाड़ी, नूंह, फरीदाबाद और गुरुग्राम से चयनित 25 उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का दूसरा दिन मंगलवार को होटल परिचय, हुड्डा चौक, रेवाड़ी में संपन्न हुआ। नाबार्ड क्लस्टर अधिकारी जगदीश परिहार और अग्रणी जिला प्रबंधक राजीव रंजन भी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के बिजनेस मॉडल, प्रोडक्ट लिस्टिंग, डिजिटल भुगतान, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और लॉजिस्टिक्स की जानकारी दी गई।
जगदीश परिहार ने बताया कि नाबार्ड ओएनडीसी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा, जिससे एसएचजी और एफपीओ अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री कर सकेंगे। उन्होंने कहा नाबार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने और किसानों व स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन मार्केटिंग से कम समय में अधिक लोगों तक पहुंचकर आय में वृद्धि की जा सकती है। यह प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।