रेवाड़ी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से सुमा खेड़ा गांव में वीरवार को 20 दिवसीय जूट बैग निर्माण प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया।
शिविर का उद्घाटन जिला विकास प्रबंधक राजेश गोठवाल और दि रेवाड़ी सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के महाप्रबंधक जितेंद्र यादव ने फीता काटकर किया।
इस दौरान रति राम ने बताया कि प्रशिक्षण निशुल्क है। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक महिला को प्रतिदिन 50 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को जूट कैरी बैग, शॉपिंग बैग, जूट पर्स, बोतल बैग और टिफिन बैग आदि तैयार करना सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संस्था ने कॉमन फैसिलिटी सेंटर की शुरुआत की है, जहां प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र संचालित होगा।
संस्था की ओर से मशीनें, कच्चा माल और कार्यस्थल उपलब्ध कराया गया है, साथ ही तैयार उत्पादों के विपणन में भी सहयोग किया जाएगा।
प्रशिक्षक सुषमा देवी ने कहा कि महिलाओं को पूरी लगन और मेहनत से प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे भविष्य में बड़े स्तर पर उत्पादन कर आत्मनिर्भर बन सकें और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दें।
जिला विकास प्रबंधक राजेश गोठवाल ने कहा कि नाबार्ड की ओर से महिलाओं के स्वरोजगार और कौशल विकास के लिए निरंतर सहयोग मिलता रहेगा।
महाप्रबंधक जितेंद्र यादव ने आश्वासन दिया कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर बैंक की ओर से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में प्रगतिशील महिला कमला देवी और निर्मला देवी ने भी अपने विचार रखे और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा संस्था की सीएफएल टीम ने महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, बचत, बैंक खातों और डिजिटल फ्रॉड से बचाव के बारे में जागरूक किया।