संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिलास्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक शुक्रवार को डीसी अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में हुई। इसमें डीसी ने अत्याचार अधिनियम के तहत पीड़ितों को समय से सहायता देने का निर्देश दिया।
उन्होंने बैठक में अब तक अत्याचार अधिनियम 1989 के अंतर्गत पीड़ित व्यक्तियों को दी गई राहत और पुनर्वास सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। जिला कल्याण अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम एवं नियम के तहत प्राप्त 31 मामलों में 54 लाख रुपये की आर्थिक सहायता पीड़ितों को दे दी गई है।
डीसी ने कहा कि पीड़ित व्यक्तियों को नियमों व अत्याचार अधिनियम के तहत उनकी सहायता करने में संबंधित विभाग के अधिकारी देरी न करें। इसके लिए अधिकारी आपस में तालमेल स्थापित कर कार्य करें। इस अधिनियम के अधीन गैर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्तियों पर अत्याचार किये जाने के फलस्वरूप आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि विभिन्न प्रकार के अत्याचारों जैसे मारपीट, छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार, दुष्कर्म तथा हत्या आदि के घटित होने पर प्रदान की जाती है। समाज में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम संबंधित गतिविधियां करवाई जानी चाहिए। वहीं स्कूलों में भी जागरूकता कार्यक्रम करवाकर विद्यार्थियों को भी जागरूक करना चाहिए।