रेवाड़ी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा से पहले शनिवार को सेक्टर एक स्थित संवाद न्यूज एजेंसी के कार्यालय में शनिवार को संवाद का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों ने विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर तैयारी करने के टिप्स दिए।शिक्षकों ने कहा कि समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।
संवाद में शिक्षकों ने कहा कि परीक्षा केवल अंकों का संग्रह नहीं बल्कि धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास की परीक्षा भी है। जब विद्यार्थी आशंका को जिज्ञासा में और तनाव को सुव्यवस्थित तैयारी में बदल देता है तो सफलता स्वयं उसका साथ देती है। जहां तैयारी अधूरी होती है वहां भय पैदा होता है।
बेहतर योजना और नियमित अभ्यास से मानसिक संतुलन बनाया जा सकता है। कहा कि अंक केवल स्मरण शक्ति का आकलन हैं जबकि मेधा, परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करते हैं।
शिक्षकों ने कहा कि परीक्षा को युद्ध नहीं बल्कि साधना समझकर तैयारी करनी चाहिए। साधना में निरंतर अभ्यास और एकाग्रता से सफलता प्राप्त होती है।
संवाद में प्रवक्ता बबरूभान सैनी, राजकुमार यादव, होशियार सिंह यादव, जितेंद्र यादव, अजय सिवाच, मनोज वशिष्ठ मौजूद रहे। इसके अलावा छात्र भव्य वशिष्ठ, छात्रा जानसी यादव, शिवम सिंह, ईश्वर सिंह एवं सचिन सिंह मौजूद रहे।
प्रशन - परीक्षा में प्रश्नपत्र मिलने के बाद क्या करना चाहिए।-भव्य
उत्तर : सबसे पहले प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ना चाहिए फिर दिमाग को शांत कर के प्रश्न हल करना चाहिए। जो सवाल न आए उसे बाद में हल करने का प्रयास करें। छोटे सवाल का बड़ा और बड़े सवाल का छोटा जवाब देने से अंक कम मिल सकते हैं। समय सीमा के बाहर उत्तर देने से बचें।
प्रश्न : बच्चों का आकलन सिर्फ पढ़ाई पर क्यों होता है।-जानसी यादव,12वीं।
उत्तर : बच्चों का आकलन केवल उनकी पढ़ाई से नहीं होना चाहिए बल्कि उनकी प्रतिभा और योग्यता को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तक का विकास संभव है।
प्रश्न : गणित के प्रश्न हल करने में कठिनाई होने पर क्या करें।-शिवम, छात्र
उत्तर : गणित याद करने वाला विषय नहीं है। इसे जितना दोहराया जाएगा, उतना बेहतर होगा। विद्यार्थी अधिक से अधिक गणित के सवाल हल करें ताकि विषय में निपुणता आए। गणित से भागना नहीं चाहिए। अगर इसे समझ लिया तो यह पढ़ाई में नई ऊंचाई तक पहुंचने में मदद करेगा।