धारूहेड़ा। मंडी बोर्ड से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को अब महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने किसानों, आढ़तियों, दुकानदारों और मंडियों में प्लॉट लेने वाले लोगों को राहत देते हुए मंडी बोर्ड की 10 सेवाओं के लिए समय सीमा तय कर दी है। अब संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि के भीतर ही सेवा देनी होगी। ऐसा नहीं होने पर नागरिक हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत शिकायत कर सकेंगे।
एनओसी जारी करने, डुप्लीकेट आवंटन पत्र देने, कन्वेयंस डीड जारी करने, नो-ड्यूज प्रमाण पत्र, संपत्ति का नामांतरण, किसानों को जे-फॉर्म, खेती के दौरान दुर्घटना या मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता और मॉर्गेज के लिए एनओसी जैसी सेवाओं के लिए समय सीमा तय की गई है। इससे लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
अधिसूचना के अनुसार जे-फॉर्म एक दिन, नो-ड्यूज और मॉर्गेज के लिए एनओसी 15 दिन, धिकांश अन्य सेवाएं 30 दिन के भीतर उपलब्ध करानी होंगी। मृत्यु के मामले में संपत्ति के पुनः हस्तांतरण और खेती के दौरान चोट लगने पर आर्थिक सहायता देने के लिए 60 दिन की समय सीमा तय की गई है। सार्वजनिक शौचालयों की सफाई संबंधी शिकायत का निपटारा दो दिन में करना होगा।
सरकार ने हर सेवा के लिए नामित अधिकारी, प्रथम शिकायत निवारण अधिकारी और द्वितीय शिकायत निवारण अधिकारी भी तय किए हैं। यदि कोई अधिकारी निर्धारित समय में सेवा नहीं देता है तो संबंधित व्यक्ति शिकायत दर्ज कर सकता है और मामले की सुनवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी।
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मुख्य सेवाएं और समय सीमा
एनओसी, डुप्लीकेट आवंटन – 30 दिन
कन्वेयंस डीड – 30 दिन
नो-ड्यूज प्रमाण पत्र – 15 दिन
बिक्री के बाद संपत्ति का पुन: हस्तांतरण – 30 दिन
मृत्यु के मामले में संपत्ति का पुन: हस्तांतरण – 60 दिन
किसानों को जे-फॉर्म – 1 दिन
खेती के दौरान मृत्यु पर आर्थिक सहायता – 30 दिन
खेती के दौरान चोट पर आर्थिक सहायता – 60 दिन
मॉर्गेज के लिए एनओसी – 15 दिन
सार्वजनिक शौचालयों की सफाई – 2 दिन