रेवाड़ी। राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति (एनएमएमएसएस) परीक्षा के लिए राजकीय विद्यालयों के अबतक 1236 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अक्तूबर है। ऐसे में अभी आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ सकती है। इस योजना के तहत राजकीय विद्यालयों के चयनित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती है।
एनएमएमएसएस परीक्षा दो भागों में आयोजित की जाएगी। पहले भाग में मानसिक क्षमता परीक्षण होगा, जिसमें विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, सोचने-समझने की शक्ति और समस्या समाधान की योग्यता को परखा जाएगा। दूसरे भाग में शैक्षिक योग्यता परीक्षा होगी, जिसमें गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषा विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे।
परीक्षा का स्वरूप वस्तुनिष्ठ रहेगा और इसमें नकारात्मक अंकन लागू नहीं होगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को पढ़ाई में सहयोग देना है। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक प्रति माह एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। इस प्रकार चार साल में कुल 48 हजार रुपये सीधे विद्यार्थियों के बैंक खाते में भेजे जाते हैं।
ऑनलाइन हो रहा है आवेदन : आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। विद्यार्थी अपने विद्यालय प्रमुख की सहायता से पोर्टल पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र विद्यार्थियों को आवेदन के प्रति जागरूक करें और समय रहते उन्हें आवेदन प्रक्रिया पूरी करवाने में सहयोग दें। विभाग का लक्ष्य है कि जिले से अधिकतम विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाएं।
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परीक्षा की तैयारियों के लिए विशेष कक्षाएं शुरू
विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी कराने के लिए कई विद्यालयों ने विशेष कक्षाएं शुरू कर दी हैं। शिक्षकों की ओर से पुराने प्रश्नपत्र हल करवाए जा रहे हैं और मॉक टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है और वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी मानसिक रूप से तैयार होते हैं।
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वर्जन
शिक्षा निदेशालय की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से कक्षा 12 तक की पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित राशि प्रदान की जाती है। इसके लिए कक्षा 8 के विद्यार्थियों को एक परीक्षा पास करनी होती है। विद्यार्थियों को इसमें भाग लेना चाहिए।-अशोक कुमार नामवाल, डीएमएस, शिक्षा विभाग रेवाड़ी।