मांगों को लेकर जानकारी देते अधिवक्ता। संवाद
भिवाड़ी। तिजारा बार एसोसिएशन ने 26 जनवरी तक सभी न्यायालयों में कार्य पूरी तरह स्थगित करने का निर्णय लिया है। इस दौरान कोई भी वकील कोर्ट में उपस्थित नहीं होगा। यह जानकारी बार के अध्यक्ष आशीष यादव ने दी।
उन्होंने बताया कि उप पंजीयक कार्यालय का निजीकरण कर उसे प्राइवेट प्रॉपर्टी में बदलने और शहर से दूर स्थानांतरित करने की योजना के हम खिलाफ हैं। इससे आम जनता को परेशानी होगी और प्रशासनिक सुविधाएं प्रभावित होंगी।
पूर्व सरकार द्वारा बजट घोषणा में तिजारा में पॉक्सो कोर्ट शुरू करने और जिला एवं सत्र न्यायालय संचालित करने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इनकी स्थापना नहीं हुई है। अधिवक्ता इनकी तत्काल शुरूआत की मांग कर रहे हैं।
20 जनवरी को विधायक कार्यालय पर जनसुनवाई के दौरान तिजारा विधायक कार्यालय में कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं के साथ अभद्रता, अमानवीय व्यवहार और अपशब्दों का इस्तेमाल कर अधिवक्ता समुदाय का अपमान किया गया। इस घटना ने अधिवक्ताओं में रोष पैदा कर दिया।
बार एसोसिएशन ने इन सभी मुद्दों पर असंतोष जताया है और कहा है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। यादव ने बताया कि 27 जनवरी को बार एसोसिएशन तिजारा की बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की कार्यवाही पर निर्णय लिया जाएगा।