संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में जांच लैब में 15 दिनों से थायराइड की जांच की किट सहित अन्य जरूरी सामान की कमी बनी हुई है। इसके चलते हर रोज 50 के करीब मरीजों को बिना जांच करवाए ही लौटना पड़ रहा है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन थायराइड की जांच करवाने के लिए 50 से 60 के बीच मरीज आते हैं, लेकिन सामान की कमी के कारण थायरॉइड की जांच नहीं हो पाती है। मजबूरी में उन्हें प्राइवेट लैब का सहारा लेना पड़ रहा है।
यहां पर एक मरीज को जांच के लिए 300 से 500 रुपये देने पड़ रहे हैं। अगर किसी मरीज की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो वो उसको बिना जांच करवाए ही लौटना पड़ रहा है।
सिविल अस्पताल के डॉक्टर गौरव यादव ने बताया कि थायरॉइड की समस्या सभी उम्र के लोगों में बढ़ती हुई देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि हमारे गर्दन में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि जब बहुत अधिक या बहुत कम हार्मोन का उत्पादन करने लगती है, तो इसके कारण कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।
थायरॉइड के चलते मोटापा, बीपी, मधुमेह, लिवर, हृदय के अलावा ब्रेन सिस्टम को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने बताया कि हमारी जीवनशैली और खान-पान की गड़बड़ी इन विकारों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
इसके बारे में सभी लोगों को जानना और बचाव के लिए निरंतर उपाय करते रहना चाहिए। सही आहार, नियमित व्यायाम जैसे उपायों की मदद से आप इन समस्याओं से बचे रह सकते हैं।
ये उपाय करें थायरॉइड के मरीज
तीस वर्ष की आयु के बाद डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से थायरॉइड टेस्ट कराते रहना चाहिए। आयोडीन युक्त भोजन (नमक, दही, केला, मछली), साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। नियमित व्यायाम की आदत बनाएं। सर्वांगासन, हलासन, भुजंगासन जैसे योग इस रोग में काफी फायदेमंद है। थायरॉइड हार्मोन असंतुलन के कारण नींद की समस्या हो सकती है। कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। फास्ट फूड से बचें।
वर्जन:
नागरिक अस्पताल में थायराइड जांच की किट खत्म होने की जानकारी है। सोमवार तक अस्पताल में किट उपलब्ध हो जाएगी। मरीजों को किसी भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. नरेंद्र दहिया, सिविल सर्जन, रेवाड़ी