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Rewari News: रेवाड़ी में इन्फ्लूएंजा के तीन संदिग्ध मरीज मिले, रोहतक पीजीआई भेजे सैंपल

Tue, 14 Mar 2023 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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नागरिक अस्पताल में ओपीडी के लिए खड़े मरीज।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। प्रदेशभर में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में फ्लू ओपीडी शुरू कर दी है। मंगलवार को ओपीडी में मिले तीन संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर रोहतक पीजीआई भेज दिए गए हैं। अब इनकी एक सप्ताह बाद रिपोर्ट आने के बाद ही पुष्टि हो पाएगी। तीनों मरीजों को नागरिक अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।
वहीं अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की ओपीडी में इजाफा हो गया है। मंगलवार को नागरिक अस्पताल में शुरू की गई फ्लू ओपीडी में 500 मरीज पहुंचे। अधिकतर खांसी, जुकाम और बुखार से ग्रस्त मिले। चिकित्सक मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। खांसी के साथ बुखार होना इन्फ्लूएंजा वायरस का लक्षण है। इस नए वायरस के चलते मरीजों को 15 से 20 दिन तक परेशानी उठानी पड़ती रही है। चिकित्सकों ने सुझाव दिया है कि अगर किसी व्यक्ति को इन्फ्लूएंजा वायरस के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकों से सलाह लें।
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जिले में ऑक्सीजन की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में नागरिक अस्पताल में 500 एलपीएम, 250 एलपीएम, कोसली और बावल में 250-250 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट लगे हुए हैं, जहां कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में इस समय 33 वेंटिलेटर, 392 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 111 बाईपेप्स, ऑक्सीजन सिलिंडर 435-बी टाइप, ऑक्सीजन सिलिंडर 254-डी टाइप की सुविधा भी उपलब्ध है। खांसी के नए इन्फ्लूएंजा फ्लू वायरस को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।

ये सावधानियां बरतें
हाथों को बार-बार साफ पानी से धोएं।
मास्क लगाकर रखें।
भीड़ वाले क्षेत्र में जाने से बचें।
ठंडी खाद्य सामग्री का सेवन न करें।
ठंडा पानी, आइसक्रीम आदि को भी दरकिनार करें।

खुद ही डॉक्टर न बनें लोग
चिकित्सकों का कहना है कि खांसी, जुकाम और बुखार आदि की शिकायत होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें। घर पर ही डॉक्टर बनने से बचें और बिना सलाह के खांसी-जुकाम व बुखार होने पर कोई भी एंटीबायोटिक दवा का सेवन न करें। इन दवाओं को इस फ्लू वायरस पर कोई असर नहीं है। ऐसे में लोगों को डॉक्टर की सलाह से दवाई लेनी चाहिए।
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घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत
जिले में मंगलवार को तीन संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए हैं। एच3एन2 को मौसमी इन्फ्लूएंजा के तौर पर जाना जाता है। इन्फ्लूएंजा के मरीजों में खांसी, गले में संक्रमण, शरीर में दर्द, नाक से पानी आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह एक प्रकार का इन्फ्लूएंजा वायरस है, जिसके मरीज हर साल इस समय सामने आते हैं। यह ऐसा वायरस है, जो समय के साथ म्यूटेट होता है।
- डॉ. सुरेंद्र यादव, सिविल सर्जन, रेवाड़ी।
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