कोसली। सीआईए कोसली पुलिस ने अंतरराज्यीय भैंस चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लहसुन बेचने के बहाने गांवों में घूमते थे और मौका मिलते ही भैंस चोरी कर ले जाते थे।
पुलिस उपाधीक्षक सुरेंद्र श्योराण ने पत्रकारों को बताया कि गांव रोहडाई निवासी किसान राम किशोर ने थाना रोहडाई में शिकायत दर्ज कराई थी कि 12 जुलाई की रात सवा 3 बजे चोर उनके प्लॉट का ताला तोड़ कर अंदर बंधी 1 भैंस और 1 कटिया को पिकअप लादकर ले गए।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने मामले की जांच सीआईए कोसली इंचार्ज पुलिस उपनिरीक्षक नितीश कुमार को सौंपी। सीआईए ने पशु चोरी गिरोह के दो सदस्यों महेंद्रगढ़ के गांव बसई निवासी राजू बंजारा व राजस्थान के जयपुर के गांव जयसिंह पूरा खोर निवासी गोपी उर्फ पांडू बंजारा को 28 जुलाई को गिरफ्तार किया था।
दोनों को 4 दिन के रिमांड लिया गया। पूछताछ में आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तीसरे आरोपी बुलंदशहर (यूपी) निवासी मोहम्मद सलमान को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपियों को अदालत से रिमांड पर लिया है ताकि चोरी की मवेशियों को बरामद किया जा सके। साथ ही गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया जा सके।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि आरोपी योजनाबद्ध तरीके से चोरी करते थे। आरोपी मोहम्मद सलमान गांवों में फर्जी भैंस व्यापारी बनकर घर-घर जाता था। राजू बंजारा और गोपी बंजारा गांवों में लहसुन बेचने के बहाने घूमते थे। इसके बाद सभी आरोपी मौके पर पिकअप लेकर पहुंचते और रात के अंधेरे में पशुओं को लादकर ले जाते थे। चोरी के पशुओं को यूपी के पशु मेलों में बेच देते थे।
आरोपियों पर पहले भी दर्ज हैं मामले
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपियों ने 1 महीने के भीतर 6 पशुओं को चुराने का जुर्म कबूल किया है। इनमें से 4 घटनाएं रेवाड़ी, 1 महेंद्रगढ़ और 1 घटना चरखी दादरी की है। आरोपियों के पिछले रिकॉर्ड की जांच करने पर उनके खिलाफ पूर्व में भी भैंस चोरी के 3 मामले दर्ज पाए गए हैं।
किसानों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस उपाधीक्षक सुरेंद्र श्योराण ने किसानों से पशु चोरी की घटनाओं को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पशुधन उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। भैंस व्यापारी, लहसुन विक्रेता या किसी अन्य बहाने से गांवों में घूमने वाले संदिग्ध लोगों पर नजर रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस थाना या डायल-112 पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।