रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) बैठक वीरवार को किसान भवन में हुई बैठक में लंबित भावांतर राशि का भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की धमकी दी गई। संगठन के विस्तार और किसानों के मुद्दों पर चर्चा की गई।
राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किए गए प्राकृतिक खेती करने वाले यशपाल खोला को किसान भवन में सम्मानित किया गया। 23 मार्च को पिपली में होने वाली बड़ी किसान रैली की तैयारियों की समीक्षा की गई। संगठन की मजबूती के लिए अमर राव को संगठन का सदस्य बनाया गया।
किसानों ने यूरिया के कट्टों का वजन कम किए जाने और दाम बढ़ाए जाने पर नाराजगी जताई। बाजरा और कपास की क्षतिपूर्ति को लेकर भी सवाल उठाए गए। किसानों का कहना है कि क्षतिपूर्ति पोर्टल खुलने के बावजूद केवल 20 प्रतिशत किसानों को ही भुगतान मिला है।
यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर क्षतिपूर्ति राशि और वर्ष 2023 के भावांतर के लंबित भुगतान नहीं किए गए, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। यशपाल खोला ने कहा कि वे रेवाड़ी जिले के हर गांव में बिना खाद की खेती की शुरुआत करेंगे। इस पर संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया।
बैठक में किसानों की बुढ़ापा पेंशन कटौती का भी विरोध किया गया। यूनियन ने कहा कि तीन लाख रुपये की बिक्री की शर्त अव्यवहारिक है और बिना किसी शर्त के किसानों को पूरी पेंशन दी जानी चाहिए।
इस मौके पर जिला प्रधान राजेंद्र कुमार गेरा, वेद सुल्तानिया, राजपाल गुरावड़ा, ओपी लोहाणा, अशोक कुमार, शीशराम, राजकुमार, मनीषा बोडिया, कमालपुर, सविता एडवोकेट, नीलम मूंदड़ा, ममता यादव, बीरेंद्र सरपंच सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।