संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। खेल नर्सरियों के लिए इस बार पिछले वर्ष से अधिक आवेदन आए हैं। गत वर्ष 132 आवेदन आए थे जिनमें 61 को विभिन्न खेलों की नर्सरियां चलाने की स्वीकृति मिली थी। इस बार 180 आवेदन आए हैं।
खेल नर्सरियों के प्रति संस्थाओं का रुझान बढ़ा है। पिछली बार एक संस्था की ओर से चार से पांच खेलों की नर्सरी संचालन के लिए आवेदन किया गया था। इस बार एक संस्था को तीन से अधिक खेल नर्सरियों के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं थी। इसके बाद भी कई संस्थानों ने दो से तीन खेलों की नर्सरियों के लिए आवेदन किया है। अभी खेल विभाग की ओर से खेल नर्सरियों के लिए आवेदन करने की तारीख नहीं बढ़ाई गई है। पिछले साल आवेदन के लिए तीन बार अंतिम तारीख बढ़ाई गई थी। इसलिए इस बार भी तारीख बढ़ सकती है।
वैसे भी पिछले साल खेल विभाग के सरकारी खेल केंद्रों को छोड़कर शिक्षा विभाग, खेल विभाग की ओर से निजी संस्थानों (निजी खेल अकादमियां, निजी खेल प्रशिक्षण केंद्रों) में नर्सरियां जून में आरंभ हुईं थी। पिछली गतिविधियों और प्रगति का आकलन करने के बाद ही नर्सरियां संचालित करने की अनुमति मिलेगी।
जांच और निरीक्षण के बाद पता चलेगा, कसौटी पर कितना खरा उतरे
जांच और निरीक्षण के बाद पता चलेगा कि कितने आवेदन खेल विभाग की कसौटी पर खरा उतरते हैं। खेल विभाग की ओर से आगामी सत्र के लिए खेल नर्सरियों के संचालन के लिए आवेदन मांगे गए थे। 15 मार्च तक विभिन्न शिक्षण, खेल संस्थान, अकादमी और ग्राम पंचायत को आवेदन करना था। संचालित करने वाले संस्थानों को खेल विभाग की ओर से हर साल एक लाख रुपये तक का अनुदान मिलता है। इस राशि से खेल सामान, मैदान का रखरखाव में खर्च किया जा सकेगा।
वर्जन :
खेल नर्सरियों को लेकर पहले जांच और भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। मापदंड अनुसार ही जांच और निरीक्षण के बाद रिपोर्ट उच्च विभाग को भेजी जाएगी। -ममता देवी, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी।