आरक्षण की मांग को लेकर गांव बुड़ौली के ग्रामीणों ने तीसरे दिन सड़क के बीचों बीच कुर्सियां व चारपाई डाल कर पूरी तरह कब्जा कर जाम लगा दिया।
सुबह साढ़े दस से शाम चार बजे तक जाम लगाए जाने से यात्रियों और आम लोगों को काफी परेशानी हुई। पुलिस ने बीच में कई बार समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग नहीं माने। शाम करीब चार बजे एसएचओ पवन कुमार द्वारा आरक्षण को लेकर सरकार स्तर पर वार्ता चलने की बात समझाने पर लोग वहां से हटे और यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी।
सुबह बुड़ोली की महिलाएं, युवा बुजुर्ग आदि इकट्ठा और निर्णय कर फिर से रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ मार्ग पर आ गए और जाम लगा दिया। गांव बुड़ौली के जाट समुदाय के साथ गांव कुमरोदा के जाट सामुदाय के लोगों ने समर्थन किया। इस मार्ग पर पिछले तीन दिन से लगातार जाम लगाए जाने से वाहन चालकों व आमजन को खासी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। दो दिन तो पुलिस ने जैसे-तैसे जाम को खुलवाया।
लेकिन तीसरे दिन आरक्षण की मांग को लेकर गांव बुड़ौली की महिलाएं, बुजुर्ग व युवा सड़क पर अड़ कर बैठ गए है। सड़क के बीचोतं बीच बुजुर्ग हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ कुर्सियां, चारपाई लेकर बैठे गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने किसी भी बाइक को भी निकलने नहीं दिया। शुक्रवार को डीएसपी कोसली व तहसीलदार रेवाड़ी ने स्थिति को संभाला। लेकिन शनिवार को सिर्फ डहीना पुलिस के अलावा वहां कोई नजर नहीं आया। पुलिस कर्मचारी भी एक-दो बार लोगों के बीच गए लेकिन बाद में एक तरफ बैठ गए। आखिर शाम करीब चार बजे एसएचओ की लोगों की बात मानी और सड़क से कब्जा छोड़ा।