रेवाड़ी/बावल/खोल। रोहतक में जाट आंदोलन की भड़की आग रेवाड़ी तक पहुंच गई। हालांकि बृहस्पतिवार को जिले में संदिग्ध क्षेत्रों में धारा-144 लगादी गई।
सुबह पुलिस और प्रशासन की फुल प्रूफ तैयारियों को देखते हुए दिन में खाकी की निगेहबानी में राणौली स्थित जाट भवन में तो शांत माहौल के बीच रणनीति बनी। वहीं रोहतक और झज्जर समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई हिंसात्मक वारदातों के बाद जिले के जाट अब गोरिल्ला वार के जरिए प्रशासन को चित्त करने की तैयारी में जुटे हैं।
देर रात तक जिला पुलिस के अलावा, आरपीएफ और जीआरपी के 500 से अधिक जवान प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जाट भवन और आसपास डटे रहे। वहीं अन्य जाट बाहुल्य गांवों में भी सुरक्षा के तौर पर पुलिस बल और हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए खुफिया पुलिस तैनात रही।
उधर, खोल खंड के गांव बुड़ौली में जाट समुदायों के पुरुषों के अलावा महिलाएं भी सड़क पर लगाए जाम की अगुवा बनीं। इसके अलावा जाम का असर रेलमार्ग पर सड़क यातायात पर भी दिखाई दिया। कहीं पहिये पूरी तरह थमे तो कहीं धीमे हो गए।
-बावल चौरासी के 43 गांव जुटे जाट भवन में रणनीति बनाने
रेवाड़ी(बावल)। प्रदेश में जाट आरक्षण की मांग को उग्र करने के लिए बुधवार को बावल चौरासी के 43 गांव के जाट गांव राणौली स्थित जाट भवन में इकट्ठा हुए। सुबह 6 बजे से ही तैनात पुलिसकर्मियों ने रणनीति बनने के दौरान कुछ ही दूरी पर स्थित रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिहाज से कवर रखा।
इसके चलते जाट समुदाय ने रणनीति को डिस्क्लोज नहीं किया। उम्मीद जताई जा रही है कि जाट समुदाय के लोगसुलखा, झाबुआ और बधराना गांव में तीन गुट बनाकर अलग-अलग जगह ट्रैक जाम कर सकते हैं। भारी पुलिस बल की तैनाती को देखते ट्रेक जाम करने की रणनीति को तब्दील कर शनिवार को ट्रेक जाम करने के लिए बुजुर्ग एवं युवाओं की कमेटी का गठन किया। बैठक की अध्यक्षता चौधर माडाराम ने की।
बैठक में जाट वक्ताओं ने कहा कि जाटों को अपने बच्चों के भविष्य के लिए प्रदेश में जाट आरक्षण की मांग के लिए आगे आकर लड़ाई लड़नी होगी। शुक्रवार को बैठक में बुजुर्ग कमेटी का प्रधान रामकिशन छिल्लर एवं एक युवा कमेटी का प्रधान नवीन सेहलोत को नियुक्त किया गया। बुजुर्ग कमेटी जहां रणनीति तैयार करेगी, वहीं युवा कमेटी रणनीति को अमलीजामा पहनाएंगे। बैठक में जाटों का गुस्सा आरक्षण से ज्यादा कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी पर फूटा।
प्रशासन ने झोंकी पूरी ताकत
मार्च 2011 में राणौली में जाटों द्वारा रेलवे ट्रेक जाम करने के कारण रेवाड़ी प्रशासन की मुस्तैदी पर सवाल खड़े हुए थे। इस बार पुलिस ने शुक्रवार को सुबह 6 बजे से ही डीएसपी बीरेंद्र सैनी एवं सत्यपाल यादव की अगुवाई में महिला पुलिस समेत लगभग 500 से अधिक पुलिस कर्मियों को ट्रैक पर तैनात कर दिया था। यहां पर पल-पल की खबर जानने के लिए सीआईडी के दर्जनों लोग लगे हुए थे। हालांकि जाटों ने दोपहर बाहर बजे बैठक की शुरूआत से पहले ही सभी सीआइडी कर्मियों को वहां से बाहर भेज दिया था।
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कल करेंगे ट्रैक जाम
शुक्रवार को राणौली स्थित जाट भवन में रेलवे ट्रेक को जाम करने के लिए एकत्रित हुए जाट नेता सरजीत टिकला ने कहा कि आज पुलिस अपनी तैयारियों के साथ आई है, इसलिए आज हम केवल रणनीति बनाकर कल कहीं पर भी जिले में ट्रैक जाम किया जाएगा। इधर माहसिंह टिकला ने कहा कि देश की हुकूमत शांति से नहीं बल्कि जूतों से मानती है। आंदोलन को चलाने के लिए चंदा एकत्रित करने के लिए राजेंद्र सिंह टिकला ने 5100 रुपये से शुरूआत की जिसके बाद सभी ने चंदा दिया। इधर एडवोकेट नवल सिंह जांगु ने कहा कि जाट अब चुप नहीं बैठेंगे,इसलिए गंगायचा जाट के पास हाइवे एवं अन्य मार्गों को जाम करने से भी पीछे नहीं हटा जाएगा।
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बुजुर्ग कमेटी बनाएगी रणनीति, युवा करेंगे जमीनी कार्रवाई
चार घंटे से ज्यादा चली बैठक में बुजुर्ग एवं युवाओं की टीम का गठन किया गया। बुजुर्ग कमेटी की कमान इनेलो बावल हल्का प्रधान रामकिशन छिल्लर को सौंपी गई तथा युवा जाट बिग्रेड की कमान नवीन सहलोत को सौंपी गई। बुजुर्ग कमेटी में वरिष्ठ जाट नेता जीतसिंह झाबुआ, रणसिंह पनवाड़, स्वामी रामजीलाल किशनपुरा, किशन प्राणपुरा, शेरसिंह, महेंद्र बनीपुर,नवल सिंह जांगु, भरतसिंह बिदास, मांगेराम पनवाड़,अजित सिंह रोहड़ाई, सरजीत टिकला,राजेंद्र, पूर्व पार्षद दलबीर सिंह, रामबीर माजरा सहित तीस से ज्यादा। जाट युवा बिग्रेड में उमेश टीकला, रणजीत,नरेश राणौली, मनोज प्राणपुरा,रणसिंह पनवाड़,आशीष तिहाड़ा, दलीप राणौली एवं राजसिंह टीकला सहित पचीस युवाओं की टीम शामिल है।
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राणौली स्थित जाट भवन में बातचीत..............
मार्च 2011 में 12 दिनों तक अनशन किया था। यह लड़ाई आज की नहीं ब्लकि अपने बच्चों के भविष्य के लिए लड़ी जा रही है। यदि यही हालात रहे तो हमारे बच्चे लिख-पढ़ने के बावजूद घर पर ही बैठे रह जाएंगे।
-शीशराम,पूर्व सरपंच राणौली
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हमारे बच्चों को आइटीआइ तक में एडमिशन लेने के लिए वंचित रहना पड़ रहा है। हमारे बच्चों के अस्सी से ज्यादा प्रतिशत आने के बावजूद प्रवेश से वंचित रह जाते हैं,लेकिन रिजर्व वालो का इसका फायदा मिल जाता है। हम किसी और के आरक्षण के विरोध में नहीं है,लेकिन सरकार हमारा हक क्यों मार रही है।
-आशीष तिहाड़ा, युवा जाट नेता
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बिना रोए तो मां भी दूध नहीं पिलाती है। इसलिए बच्चों के भविष्य के लिए मजबूरन हमें टे्रक पर आने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार जाटों का हक उन्हें दे,अन्यथा नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहे।
मनफूल, जाट, प्राणपुरा
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एच-टेट परीक्षा स्थगित
वहीं उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने बताया कि 20 फरवरी 2016 को आयोजित होने वाली एच-टैट लेवल-3 की परीक्षा आगामी आदेशों तक स्थगित कर दी गई है। परीक्षा की नई तिथि बाद में घोषित की जायेगी।