बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करती नशा मुक्ति टीम। स्रोत : पुलिस
रेवाड़ी। पुलिस की नशा मुक्ति टीम की तरफ से शुक्रवार को सरकारी स्कूल गांव डहीना, निमोठ व ढाणी ठेठराबाद का दौरा कर आमजन व बच्चों को नशे से दूर रहने तथा शिक्षा व खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। नशा न करने की शपथ भी दिलवाई गई।
नशामुक्ति टीम ने एक नशा पीड़ित व्यक्ति की पहचान की है जो नशे की लत से प्रभावित है। नशामुक्ति टीम ने पीड़ित व्यक्ति की काउंसिलिंग करवाकर डी एडिक्शन सेंटर में भर्ती करवाया है। इस अभियान के दौरान नशा मुक्ति टीम द्वारा अब तक नशे से पीड़ित 172 लोगों की पहचान की गई है जो किसी न किसी प्रकार के नशे से पीड़ित है। इसके अलावा 58 नशा पीड़ितों का इलाज करवाया गया है।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि नशा एक ऐसी बुराई है जिससे व्यक्ति का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशा करने वाला व्यक्ति अपने साथ साथ पूरे परिवार का जीवन खराब कर देता है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले युवा पीढ़ी को नशे से बचाना होगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस के इस अभियान से प्रेरित होकर जहां युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं वहीं पर कई नशा ग्रस्त युवकों ने नशा छोड़ने की पहल भी की है जिनका स्थानीय प्रशासन की मदद से इलाज करवाकर उन्हें फिर से समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि नशा बेचने वालों की असली जगह जेल में है। इसलिए नशे का कारोबार करने वालों की सूचना निसंकोच होकर पुलिस को दें, पुलिस प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में पुलिस को हेल्पलाइन नंबर 1933 या 112 नंबर पर सूचित करे।