संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला पशु चिकित्सालय एवं पॉली क्लीनिक में अल्ट्रासाउंड व एक्सरे की सुविधा नहीं है। किसी पशु के कोई लौह या कठोर पदार्थ निगल लेने की स्थिति में अल्ट्रासाउंड व एक्सरे की जरूरत महसूस होती है। ऐसी स्थिति आने पर संबंधित पशु को महेंद्रगढ़ स्थित पशु अस्पताल या हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में जाना पड़ता है।
पशुधन के अच्छे स्वास्थ्य, पशु नस्ल सुधार, पशु प्रजनन और चिकित्सा के लिए जिले के सहारनवास गांव में 1 दशक पहले जिला पशु चिकित्सालय एवं पॉली क्लीनिक स्थापित किया गया था। यहां 1 दशक बाद भी अल्ट्रासाउंड व एक्सरे की सुविधा शुरु नहीं हो सकी है। पॉली क्लीनिक में डॉक्टर तो पूरे हैं लेकिन अपेक्षित सुविधाएं नहीं है। यह पॉली क्लीनिक रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिले के लिए बेहतर था, लेकिन बनने के बाद से अब तक इसमें कोई सुविधा नहीं है। यहां सिर्फ पशुओं के खून जांच, दूध जांच ही करा सकते हैं।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अल्ट्रासाउंड व एक्सरे के लिए हेडक्वार्टर से मशीनें आनी थी, जो टेंडर न होने के कारण नहीं आ सकीं। इसके चलते यहां अभी तक यह सुविधा नहीं शुरू हो सकी है।
पशुपालकों को महेंद्रगढ़ या हिसार जाना पड़ रहा
जिले में सहारनवास के पॉली क्लीनिक में पशुपालकों को अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे की सुविधा होने के कारण पशु पालकों को पशुओं का अल्ट्रासाउंड या एक्सरे करवाने के लिए 55 किलोमीटर दूर महेंद्रगढ़ में बने लुवास के पशु अस्पताल या 185 किलोमीटर दूर हिसार में बने लुवास (लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय) में जाना पड़ता है। दोनों स्थानों पर पशु को ले जाने के लिए पशुपालकों को अधिक किराया खर्च करना पड़ता है। ऐसे में उनका समय और पैसा बर्बाद होता है। -
वर्जन
जिला पशु चिकित्सालय एवं पॉली क्लीनिक में अल्ट्रासाउंड व एक्सरे के लिए कक्ष निर्धारित है। स्टाफ भी पूरा है। हेडक्वार्टर से जल्द ही मशीन आने की उम्मीद है। इसके बाद अल्ट्रासाउंड व एक्सरे की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। -डॉ. नसीब सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग।