कार्यक्रम के दौरान एक मंच पर आए विद्यार्थी व शिक्षक। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. बीरेंद्र सिंह ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि साहित्य और समाज का गहरा संबंध है।
यदि युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ जाती है तो देश का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं बल्कि व्यक्ति की सोच, संवेदनाएं और मानसिक संतुलन को भी नष्ट कर देता है। इसलिए उन्होंने नशे के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक प्रभावों को विस्तार से समझाते हुए बताया कि यह व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य को बर्बाद कर देता है।
केस स्टडी के माध्यम से उन्होंने बताया कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि खुद एक बड़ी समस्या है। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे क्षणिक सुख के लिए इस बुराई के शिकार न बनें और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दें। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. शकुंतला ने किया।