संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। स्थानीय स्टेडियम में विभिन्न खेलों के कोच नहीं होने से खिलाड़ी प्रशिक्षण नहीं ले पा रहे हैं। यहां एकमात्र बॉक्सिंग के कोच हैं। बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, क्रिकेट, कबड़्डी आदि खेलों के कोच नहीं हैं जिससे इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को खुद अभ्यास करना पड़ रहा है।
कोसली राजीव गांधी खेल स्टेडियम वर्ष 2011 में बनकर तैयार हुआ था। यहां सिर्फ बॉक्सिंग के कोच हैं, वॉलीबॉल, कुश्ती, योग, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस आदि खेलों के लिए आज तक कोच की नियुक्ति नहीं हो पाई है। रेसलिंग के भी कोच नहीं हैं। क्रिकेट, कबड्डी और बैडमिंटन के प्रशिक्षक भी नहीं हैं। कोचों के साथ ही संसाधनों की भी कमी है जिससे खिलाड़ियों को तैयारी करने में परेशानी होती है।
गांव कोसली के सरपंच रामकिशन ने बताया कि खेल स्टेडियम की हालत सुधारने के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। गांव में बने स्टेडियम की दशा सुधारी जाए।
-
खेल स्टेडियम तो बना दिया लेकिन सुविधा के नाम पर यहां कुछ नहीं है। इसके चलते युवा चाह कर भी अपनी प्रतिभा नहीं निखार पाते हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।- आनंद
स्टेडियम बनने के बाद प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इसका नतीजा यह है कि क्षेत्र के युवा अपने खेलों में निखार नहीं ला पा रहे हैं। साथ ही स्टेडियम धीरे धीरे गिरना शुरू हो गया है।-मनदीप यादव
स्टेडियम कोई सुविधा देना तो दूर इसमें बने भवन के छज्जे तक गिरने लग रहे हैं, लेकिन ना तो प्रशासन ओर ना ही सरकार के जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान दे रहे हैं। - दयावान
सभी खेलों के कोच नियुक्त किए जाएं ताकि ग्रामीण युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारा जा सके। कोच की नियुक्ति होने से युवाओं को विभिन्न खेलों में प्रशिक्षित किया जा सकेगा। - इंद्र सिंह
-
वर्जन:
कोसली व ग्रामीण क्षेत्र में बने खेल स्टेडियमों की हालत सुधारने के प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही कोच की नियुक्ति करवाई जाएगी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न खेलों में प्रशिक्षित किया जा सके, प्रक्रिया चल रही है। - मदनलाल, जिला खेल अधिकारी रेवाड़ी।