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तेल की चोरी करने वाले पांच आरोपी काबू, एक हजार लीटर डीजल और पेट्रोल बरामद

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रेवाड़ी। तेल का अवैध कारोबार करने वाला गिरोह सीआईए की गिरफ्त में। - फोटो : Rewari
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बावल रोड पर गांव कमालपुर और करनावास के समीप ढाबों एवं गोदामों पर लंबे समय से तेल चोरी का खेेल चल रहा था। मंगलवार को सीआईए रेवाड़ी ने छापामारी करते हुए पांच लोगों को धर-दबोचा। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 1100 सौ लीटर डीजल और पेट्रोल बरामद किया है।
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एक साथ पांच ढाबों व गोदामों की गई छापामारी
रेवाड़ी सीआईए की टीम ने मंगलवार को बावल रोड पर करनावास व कमालपुर के समीप एक साथ पांच ढाबों व गोदामों पर छापामारी की और पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 1100 सौ लीटर डीजल और पेट्रोल बरामद किया है। आरोपियों की पहचान भवाडी निवासी राजपाल, विजय पाल, गुरुग्राम जिला निवासी बिरेन्द्र, मुडिया खेडा निवासी हवा सिंह तथा मध्य प्रदेश निवासी राजेश के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके एक पिकअप और तेल से भरे ड्रम व कैन भी बरामद किए हैं।
मंगलवार को एसपी को सूचना मिली थी कि करनावास स्थित ऑयल डिपो से निकलने वाले तेल टैंकरों के चालक तेल की कालाबाजारी करने वाले गिरोह से सब्जबाग होकर तेल चोरी का खेल कर रहे हैं। एसपी के आदेश मिलते ही रेवाड़ी सीआईए इंचार्ज विद्या सागर ने अपनी टीम के एएसआई रजनीश, इन्द्रजीत, प्रधान सिपाही योगेश, संदीप, सुनील कुमार, सिपाही बीर सिंह, जितेन्द्र, विक्रम, रमेश कुमार, सुरेश कुमार, रविन्द्र व सतपाल को साथ करनावास से लेकर कमालपुर तक ढाबों व गोदामों पर एक साथ पांच ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की। रेड के दौरान अलग-2 पांच गोदामों से चोरी किए हुए डीजल व पेट्रोल से भरे ड्रम, एक पिकअप गाड़ी व लॉक खोलने वाली के लिए बनाई गई मास्टर चाबियां तथा तेल चोरी करने उपकरणों सहित पांच लोगों को काबू किया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ माडल टाउन थाना में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई है।
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सस्ते भाव में राजस्थान में बेचते थे तेल
तेल चोरी गिरोह के गुर्गे टैंकरों से तेल निकालने के बाद पिकअप या अन्य वाहनों के जरिये लेकर जाकर उसे राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर निर्धारित से सस्ते भाव में बेचते थे। राजस्थान में जगह-जगह दुकानों पर पेट्रोल व डीजल आसानी से खरीदा व बेचा जाता है। ऐसे वहां चोरी किए तेल को बेचने में कोई परेशानी नहीं होती।
चालक के पास होती है टैंकर की मास्टर चाबी
तेल के कैंटरों से तेल की चोरी टैंकर चालकों की मिलीभगत से होती है। चालकों के पास टैंकर की मास्टर चाबी होती है। ढाबों पर खाना खाने व आराम करने के बहाने चालक अपने टैंकरों को ढाबा के अंदर बने गोदामों में खड़ा कर देते हैं। उसके बाद कारिंदों द्वारा तेल की चोरी को अंजाम दिया जाता है।
30 से 40 रुपये लीटर में चालकों को दिए जाते थे तेल
ढाबा संचालकों द्वारा टैंकर चालकों को चोरी किए तेल के बदले में 30 से 40 रुपये लीटर के हिसाब से दिए जाते थे। उसके बाद ढाबा संचालक इस तेल को राजस्थान में 50 से 60 रुपये लीटर के भाव में बेचते थे।
तीन कंपनियों के तेल के डिपो हैं यहां
बावल रोड पर करनावास के समीप पेट्रोल डीजल की तीन कंपनियों का तेल डिपो है। टैंकरों के माध्यम से तेल का आवागमन होता है। हालांकि डिपो में तेल के माप की भी जांच होती है, लेकिन तेल चोरी के कार्य माहिर चालक टैंकर को तेज गति से दौड़ाते हैं, जिससे तेल टैंकर में झाग आ जाते हैं। इससे तेल का माप पूरा दिखाता है, इस कारण डिपो में तेल की चोरी पकड़ में नहीं आ पाती।
इससे बड़ा हादसा होने की आशंका
तेल चोरी का यह खेल आसपास के ग्रामीणों के जीवन पर भारी पड़ सकता है। ढाबों की आड़ में बनाए गए गोदामों पर टैंकर चालकों से साठगांठ कर निकाले जा रहे पैट्रोल व डीजल को स्टाक ढाबों पर ही किया जाता है। ऐसे में कभी भी एक चिंगारी आसपास के करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र में तबाही मचा सकती है।
कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा : पुलिस अधीक्षक
एसपी ने तेल चोरी के इस बड़े खेल का भंडाफोड़ करने पर रेवाड़ी सीआईए की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि मैं पहले ही साफ कर चुकी हूं कि जिले में किसी तरह के अवैध धंधे को पनपने नहीं दिया जाएगा। अपराध व अपराधियों पर हमारी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
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-नाजनीन भसीन, पुलिस अधीक्षक
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