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आठ में से कुल तीन बसें चलने से गुस्साए विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन

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बस स्टैंड पर आईजीयू जाने के लिए बस में चढ़ने की जद्दोजहद करते विद्यार्थी। - फोटो : Rewari
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आठ में से कुल मंगलवार सुबह के समय रेवाड़ी रोडवेज बस स्टैंड पर इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय -आईजीयू मीरपुर जाने के लिए बस नहीं मिलने के विरोध में विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया। विरोधियों का कहना है कि अनेक बार परिवहन विभाग के अधिकारी, डीसी व विवि प्रशासन को बस संचालन दुरुस्त करने की मांग की जा चुकी है, बावजूद इसके बसों का संचालन सुचारु नहीं हो पा रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि सुबह 8 बजे से साढ़े 9 बजे तक डेढ़ घंटे के दौरान समय सारिणी में 8 बसों का संचालन दर्शाया गया है, लेकिन इस दौरान महज तीन बसों का ही संचालन हो रहा है। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि बसों की कमी के चलते छात्राओं को खिड़की में लटकर जाना पड़ता है। इससे कई बार छात्राएं गिर चोटिल भी हो चुकी हैं, मंगलवार को भी ऐसा ही हुआ। गुस्साए विद्यार्थियों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया।
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-आईजीयू से वापासी के समय भी इसी तरह की परेशानी
सुबह के बाद दोपहर में विवि से वापसी के समय भी विद्यार्थियों को इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। करीब 10 दिन पहले ही विद्यार्थियों ने दोपहर दो बजे बसों की कमी के चलते वीसी गेट को बंद कर प्रदर्शन किया था, इतना ही नहीं बस चालक व परिचालक को भी अपने साथ घंटो तक बैठाए रखा था। विद्यार्थियों का कहना है कि दोपहर दो बजे के बाद अधिकतर विद्यार्थियों की छुट्टी का समय रहता है। दो बजे से लेकर साढ़े तीन बजे तक 5 बसों का संचालन दिखाया गया है। उस समय करीब 10 बसों की जरुरत होती है, लेकिन समय सारिणी में दर्शायी गई 5 बसें भी नहीं पहुंचती हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
-विवि में 3 हजार छात्राएं, इसलिए बड़ी परेशानी
आईजीयू में छात्रों के मुकाबले छात्राओं की संख्या काफी अधिक है। बताया जा रहा है कि विवि में करीब 3 हजार छात्राएं पढ़ने आती हैं। अधिक छात्राएं रेवाड़ी व आसपास के गांवों से आती हैं। विवि रेवाड़ी मुख्यालय से करीब 12 किमी. दूर होने के चलते एक मात्र रोडवेज ही परिवहन का विकल्प बचता है। ऐसे में यहां पढने के लिए आ रही छात्राओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
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-कैंपस में बस के टायर के नीचे आने से हो चुकी एक मौत
कुछ माह पहले शाम के समय बस में भीड़ होने के चलते एक छात्र खिड़की में लटका हुआ था। विवि कैंपस में ही बस के थोड़ी दूर चलते ही छात्र टायर के नीचे आ गिरा। गंभीर हालात में छात्र को मीरपुर सीएचसी व इसके बाद ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। खून ज्यादा बहने से छात्र को नहीं बचाया जा सका और दर्दनाक मौत हो गई। उस समय छात्रों ने बस संचालन को दुरूस्त करने की मांग उठाई थी, लेकिन समाधान नहीं हो पाया।
सभी बसों का संचालन नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन: छात्र
बसों के संचालन को सुचारु करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र दिनेश, विनय, विशाल, संदीव व अन्य ने कहा कि छात्र की मौत के बाद कई बार विद्यार्थी दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। इसके लिए कई बार परिवहन विभाग, प्रशासन व आईजीयू प्रशासन से समाधान की मांग की गई। बावजूद इसके कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
बसें सीमित समाधान का करेंगे प्रयास: जीएम
रोडवेज जीएम राजीव नागपाल ने कहा कि रेवाड़ी डिपो में करीब 130 बसें चालू हालत में हैं। आईजीयू के लिए पहले की काफी संख्या में बसों की व्यवस्था की गई है। पूरी बसों के संचालन नहीं होने की जांच कराई जाएगी। समय सारिणी के हिसाब से सभी बसों का संचालन शुरू कराया जाएगा। बसें सीमित हैं, ऐसे में संख्या बढ़ाना मुश्किल है। यदि संभव होता तो विचार किया जाएगा।
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